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मैंने पार्टी के लिए कुर्बानी दी, 9 लोगों का मर्डर…’, अनंत सिंह ने अब नीतीश कुमार को भी लपेटा

जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसको लेकर सियासी हलचल मच गई है. उन्होंने कहा है कि जब नीतीश कुमार कुछ नहीं थे, मैंने पार्टी के लिए कुर्बानी दी है, उन्होंने क्या किया है.

Gaurav Dwivedi
October 17, 2026
2 min read
मैंने पार्टी के लिए कुर्बानी दी, 9 लोगों का मर्डर…’, अनंत सिंह ने अब नीतीश कुमार को भी लपेटा

बिहार के मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह के दावों से इन दिनों बिहार की राजनीति में अलग ही हलचल मची हुई है. उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर हैरान करने वाला दावा किया है. उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार कुछ नहीं थे, तब उन्होंने पार्टी के लिए कुर्बानी दी, उस दौरान उनके 9 लोग मारे गए थे.उन्होंने नीतीश कुमार को लेकर कहा कि मैंने पार्टी के लिए कुर्बानी दी है, उन्होंने क्या किया है. अनंत सिंह ने कहा, ‘पार्टी के साथ कौन है, कौन नहीं है, हम कोई भगवान नहीं हैं. हम अपनी बात जानते हैं. हमको ना मरने का गम है, ना जीने की खुशी है. पार्टी को हम अपना मानते हैं. पार्टी को जो मानना है माने’.

दरअसल, अनंत सिंह इन दिनों एमएलसी चुनाव को लेकर जेडीयू से नाराज चल रहे हैं. उन्होंने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने पर आपत्ति जताई है. हालांकि पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एमएलसी चुनावों को लेकर अनंत सिंह ने यह भी कहा, ‘मैं प्रचार के लिए जा रहा हूं, लोगों से मिलूंगा और उनसे अनुज कुमार को वोट देने की अपील करूंगा. मैं पार्टी में हूं, मैं वहां मौजूद रहूंगा. जैसे नीरज कुमार पार्टी में हैं, वैसे ही मैं भी पार्टी में हूं’.

पहले अनुज कुमार को दिया था अपना समर्थन

जेडीयू विधायक अनंत सिंह और पार्टी के एमएलसी उम्मीदवार नीरज कुमार के बीच मतभेद हाल ही में खुलकर सामने आए थे जब वो पटना स्नातक सीट के लिए जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के नामांकन दाखिल करने के कार्यक्रम में शामिल हुए थे. प्रशांत किशोर ने अनुज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि नीरज कुमार जेडीयू के उम्मीदवार हैं, लेकिन अनंत सिंह ने उस समय अनुज कुमार को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी.

2015 में अनंत सिंह की नाराजगी आई थी सामने

अनंत सिंह ने साल 2015 के विधानसभा चुनावों के समय नीतीश कुमार से नाराजगी जताई थी, जब नीतीश कुमार की पार्टी द्वारा उन्हें टिकट नहीं दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने मोकामा सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और इसके बावजूद उन्होंने सीट बरकरार रखी थी.

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