'सरेंडर के बाद बेटे को मारीं 5 गोलियां', भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर पर मां ने तोड़ी चुप्पी
भोजपुर के शाहपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि मानसिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद आत्मसमर्पण के बाद उसे पांच गोलियां मारी गईं।

शाहपुर। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के स्वजन ने घटना को लेकर कई आरोप लगाए हैं।
मां का कहना है कि भरत की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उसे गोली मारी गई।
भरत भूषण तिवारी चार भाई-बहनों में मंझला था। बड़ा भाई का नाम वसंत तिवारी तथा छोटे भाई का नाम चंदन तिवारी है।
स्वजन के अनुसार भरत गांव और समाज से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाता था उसके पास पिस्टल कहां से आई, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है।
स्वजन का आरोप है कि आत्मसमर्पण के बाद भरत को पांच गोलियां मारी गईं। घटना के बाद उन्हें भरत से मिलने या देखने तक नहीं दिया गया और पुलिस उसे लेकर आरा चली गई।
पिता ने बताया कि भरत बिलौटी गांव में इलेक्ट्रिक बाइक का शोरूम खोलने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए लाइसेंस हेतु आवेदन भी किया गया था। स्वजन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
भोजपुर एनकाउंटर पर अपनी ही सरकार से सवाल; अश्विनी चौबे बोले- आत्मसमर्पण के बाद क्यों मारी गोली?
भोजपुर में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर पर बिहार की राजनीति गरमा गई है, जिसमें विपक्ष और सत्ता पक्ष के नेता पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जांच की मांग की।
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है।
विपक्ष के हमलों के बीच अब सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं की ओर से भी घटना पर सवाल उठाए जा रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
अश्विनी चौबे ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में घटना को "लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली" और "हृदय विदारक" बताया।
आत्मसमर्पण के बाद क्यों मारी गोली?
उन्होंने दावा किया कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस द्वारा गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।
चौबे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मामले का संज्ञान लेने और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
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