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लखनऊ में सहकारी ग्राम विकास बैंक के DGM के ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी, मिली 4.40 करोड़ की संपत्तियां

लखनऊ में सहकारी ग्राम विकास बैंक के डीजीएम के 2 ठिकानों पर विजिलेंस ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है। सर्च अभियान में 4 करोड़ 40 लाख की संपत्तियां मिली हैं।

Gaurav Dwivedi
September 17, 2026
2 min read
लखनऊ में सहकारी ग्राम विकास बैंक के DGM के ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी, मिली 4.40 करोड़ की संपत्तियां

लखनऊ: विजिलेंस (सीआई सेक्टर) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के उप महाप्रबंधक सुभाष चंद्र के दो ठिकानों पर बुधवार को छापेमारी की। सर्च अभियान में उनकी करीब 4 करोड़ 40 लाख रुपये की चल और अचल संपत्तियों और निवेश से जुड़े दस्तावेज एवं साक्ष्य मिले हैं।

विजिलेंस ने की थी सुभाष चंद्र के खिलाफ जांच

आईजी विजिलेंस मंजिल सैनी के मुताबिक राज्य सतर्कता समिति के निर्देश पर विजिलेंस ने सुभाष चंद्र के खिलाफ जांच की थी। जांच में उनकी संपत्तियां ज्ञात आय के स्रोतों से 149.67 प्रतिशत अधिक मिली थी, जिसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ था। विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय, लखनऊ से सर्च वॉरंट लेकर बुधवार को आशियाना स्थित उनके आवास और कृष्णानगर क्षेत्र में स्थित वीरेंद्र सिंह मेमोरियल प्राइवेट आईटीआई में छापेमारी की।

अचल संपत्तियों का मूल्य 3 करोड़ 40 लाख आंका गया

तलाशी के दौरान अधिकारियों को वृंदावन योजना फेज-2 में दो प्लॉट,आशियाना क्षेत्र में एक प्लॉट, भगवती विहार-इंद्रलोक कॉलोनी में दो प्लॉट और आशियाना स्थित दो मंजिला आवास के निर्माण में लगभग 40 लाख रुपये के खर्च के प्रमाण मिले। इसके अलावा इंद्रलोक क्षेत्र में तीन मंजिला निजी आईटीआई भवन के निर्माण में लगभग दो करोड़ रुपये खर्च किए जाने से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए। इन अचल संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 3 करोड़ 40 लाख रुपये आंका गया है।

तलाशी में मिली 4 करोड़ 40 लाख की संपत्तियां

इसके अलावा सर्च के दौरान चल संपत्तियों में वाहन, रायफल एवं रिवॉल्वर, सोने-चांदी के आभूषण, विलासिता और साज-सज्जा का सामान और अन्य निवेश संबंधी सामग्री भी मिली। इन चल संपत्तियों और निवेश का मूल्यांकन करीब एक करोड़ रुपये किया गया है। विजिलेंस के अनुसार, अब तक की विवेचना और तलाशी में सामने आई जानकारी के आधार पर आरोपित की कुल संपत्तियों का मूल्य 4 करोड़ 40 लाख रुपये पाया गया है।

सरकारी पद पर फिर भी चला रहे थे निजी कॉलेज

विजिलेंस के मुताबिक सुभाष चंद्र सरकारी पद पर तैनात हैं। इसके बावजूद वह अपने नाम पर आईटीआई कॉलेज संचालित कर रहे थे। जो नियम के खिलाफ है। विजिलेंस सुभाष की अन्य संपत्तियों और बैंक खातों, लॉकर के बारे में जानकारियां जुटा रही हैं।

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