अक्टूबर में कोलकाता से काशी आएगा लग्जरी क्रूज 'एमवी गंगा विलास', देखें कितना है किराया और पूरा रूट
लग्जरी क्रूज 'एमवी गंगा विलास' अक्टूबर में कोलकाता से काशी आएगा। जानें किराया और यात्रा विवरण।

वाराणसी I भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक 'एमवी गंगा विलास' रिवर क्रूज 32 विदेशी पर्यटकों को लेकर अक्टूबर के पहले सप्ताह में वाराणसी पहुंच रहा है। लग्जरी और आधुनिक सुविधाओं से लैस इस क्रूज की सभी सीटें और सुइट्स पहले ही फुल हो चुके हैं।
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने इस यात्रा के रूट को स्वीकृति प्रदान कर दी है। अंतरा क्रूज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राज सिंह ने बताया कि यह क्रूज सितंबर के अंत में कोलकाता से रवाना होगा। गंगा में राष्ट्रीय जलमार्ग-एक पर करीब 18 दिनों की इस रोमांचक यात्रा के दौरान क्रूज बक्सर, पटना और गाजीपुर जैसे प्रमुख नदी बंदरगाहों पर ठहरते हुए वाराणसी पहुंचेगा।
अक्टूबर के में नदी में पर्याप्त जलस्तर रहने के कारण संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी। क्रूज वाराणसी में तीन दिन रुकेगा। इस यात्रा में स्विट्जरलैंड, जर्मनी और अमेरिका समेत कई देशों के पर्यटक शामिल हैं। इसके बाद यहीं से 30 नए पर्यटक कोलकाता तक सफर पर निकलेंगे।
नवंबर के बाद जलस्तर कम होने पर इस क्रूज का संचालन पटना से कोलकाता, ढाका और डिब्रूगढ़ की ओर केंद्रित कर दिया जाएगा। क्रूज में एक सुइट की बुकिंग 18 लाख रुपये में की गई है। कई यात्रियों ने मिलकर इन सुइट्स को बुक किया है, जिससे प्रति यात्री एक दिन का खर्च लगभग 50 हजार रुपये आ रहा है।
क्रूज में दिखेगी 1960 के दशक के भारत की झलक
क्रूज में 17 लग्जरी सुइट्स, एक 40 सीटर रेस्टोरेंट, स्पा रूम और तीन सनडेक बनाए गए हैं। कुल मिलाकर चालक दल (क्रू) और स्टाफ सहित 80 लोगों के रहने की व्यवस्था है। करीब 62.5 मीटर लंबे और 12.8 मीटर चौड़े इस क्रूज का इंटीरियर 1960 के दशक के भारत की झलक दिखाता है, इसमें फर्नीचर, क्राकरी और कमरों के रंगों में सफेद, गुलाबी, लाल और हल्के रंगों के साथ वुडेन फ्लोरिंग का बेहतरीन समन्वय किया गया है।
डीजल को पानी में मिलने से रोकेगा विशेष आयल स्प्रेडर्स
गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस क्रूज को पूरी तरह से इको-फ्रेंडली बनाया गया है। नदी में प्रदूषण का स्तर शून्य रखने के लिए ईंधन के रूप में हाई-स्पीड डीजल का उपयोग किया जा रहा है और विशेष आयल स्प्रेडर्स लगाए गए हैं ताकि डीजल पानी में न मिल सके। क्रूज से निकलने वाले कचरे को सुरक्षित एकत्र कर जमीन पर निस्तारित किया जाता है
तकनीकी क्षमता और रफ्तार
ईंधन क्षमता : 40 हजार लीटर (खपत: 1000 लीटर प्रतिदिन, लगातार 40 दिनों तक चलने में सक्षम)।
पानी भंडारण : 60 हजार लीटर।
रफ्तार: गंगा की धारा के विपरीत (अपस्ट्रीम) 10 से 15 किमी प्रति घंटा, जबकि धारा के अनुकूल (डाउनस्ट्रीम) दिशा में इसकी गति दोगुनी (20 से 30 किमी प्रति घंटा) हो जाती है।
गाजीपुर में फंसा मालवाहक जहाज, जलस्तर सामान्य होने पर आवाजाही सुगम
वर्तमान समय में गंगा में जलस्तर कम होने के कारण जल परिवहन प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि कोलकाता से वाराणसी आ रहा एक मालवाहक जहाज पिछले करीब 22 दिनों से गाजीपुर में फंसा हुआ है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों का मानना है कि अक्टूबर में जलस्तर सामान्य हो जाएगा। ऐसे में गंगा विलास जैसे लग्जरी क्रूज और मालवाहक जहाजों की सुचारू आवाजाही दोबारा संभव हो सकेगी।
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