LUCC चिटफंड घोटाला: CBI का बड़ा एक्शन, 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल…हजारों निवेशकों से ठगी का आरोप
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उत्तराखंड के LUCC चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है. CBI ने मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल समेत 18 लोगों और एक संस्था के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है. ये घोटाला पोंजी स्कीम के जरिए निवेशकों को ठगने से जुड़ा है, जहां नए निवेशकों के पैसे से पुराने देनदारों को भुगतान किया जाता था.

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उत्तराखंड के चर्चित LUCC (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है. यहां 18 आरोपियों और एक संस्था के खिलाफ विशेष अदालत (बड्स एक्ट), देहरादून में चार्जशीट दाखिल कर दी है. CBI ने मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल समेत शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत, सानिया अग्रवाल, माया सिंह राजपूत और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), भारतीय न्याय संहिता (BNS), उत्तराखंड निवेशकों के हित संरक्षण अधिनियम और बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स (BUDS) एक्ट की विभिन्न धाराओं में आरोप लगाए हैं.CBI के मुताबिक, उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर साल 2025 में LUCC घोटाले से जुड़े सभी मामलों की जांच एजेंसी को सौंपी गई थी. इसके बाद CBI ने 26 नवंबर 2025 को मामला दर्ज कर राज्य के अलग-अलग थानों में दर्ज 18 एफआईआर की जांच अपने हाथ में ली.
नया निदेशक मंडल बनाया
जांच में सामने आया कि LUCC सोसाइटी का पंजीकरण साल 2012 में हुआ था. वर्ष 2016 में समीर अग्रवाल ने सोसाइटी का प्रबंधन अपने हाथ में लेकर नया निदेशक मंडल बनाया. इसके बाद उत्तराखंड में 50 से ज्यादा शाखाओं के जरिए लोगों से विभिन्न निवेश योजनाओं के नाम पर पैसा जमा कराया गया.
CBI का आरोप है कि सोसाइटी ने उत्तराखंड में आधिकारिक अनुमति मिलने से पहले ही अपना काम शुरू कर दिया था. जांच में यह भी पता चला कि संस्था के पास कोई वास्तविक कारोबार या आय का स्रोत नहीं था. पुराने निवेशकों को भुगतान नए निवेशकों से जमा कराए गए पैसों से किया जाता था. इस तरह LUCC कथित तौर पर पोंजी स्कीम चलाकर लोगों से ठगी कर रही थी. CBI का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की गई है. मामले की सुनवाई अब विशेष अदालत में होगी.
’39 संपत्तियों की पहचान की है’
CBI ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई है जो संदिग्धों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए रोजाना काम कर रही है. इसने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में आरोपियों से जुड़ी 39 संपत्तियों की पहचान की है और BUDS एक्ट, 2019 के तहत उन्हें जब्त करने के लिए पेश किया है. 29 संपत्तियों के लिए अस्थायी जब्ती के आदेश जारी कर दिए गए हैं और उनकी पुष्टि की प्रक्रिया चल रही है. बाकी 10 संपत्तियों पर कार्रवाई जारी है.
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