खबर युग

यूपीआई पेमेंट पर MDR लगाने की तैयारी से लखनऊ के व्यापारी नाराज, बोले- कारोबारी नहीं देंगे चार्ज, जनता पर पड़ेगा बोझ

यूपीआई पेमेंट पर MDR लगाने की तैयारी से लखनऊ के व्यापारी नाराज हैं। व्यापारियों का साफ कहना है कि वे यह शुल्क अपनी जेब से नहीं भरेंगे और इसका सीधा असर जनता पर पड़ेगा।

Gaurav Dwivedi
September 16, 2026
2 min read
यूपीआई पेमेंट पर MDR लगाने की तैयारी से लखनऊ के व्यापारी नाराज, बोले- कारोबारी नहीं देंगे चार्ज, जनता पर पड़ेगा बोझ

लखनऊः केंद्र सरकार और एनपीसीआई द्वारा 15 अक्टूबर से 2,000 से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगने की तैयारी से लखनऊ का व्यापार जगत परेशान है। हालांकि सरकार का तर्क हैं कि नेटवर्क सुरक्षा मजबूत करने और साइबर फ्रॉड रोकने के लिए यह कदम जरूरी है, साथ ही 1 लाख तक मासिक टर्नओवर वाले छोटे कारोबारियों को छूट भी दी गई है।

इसके बावजूद स्थानीय व्यापारियों का साफ कहना है कि वे यह शुल्क अपनी जेब से नहीं भरेंगे। नतीजतन, इसका सीधा और अंतिम भार आम उपभोक्ता पर पड़ेगा, जिससे बाजार में महंगाई और बढ़ेगी।


'फैसले से महंगाई बढ़ना तय'

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने मांग की कि सरकार इस फैसले पर फौरन पुनर्विचार करे। उन्होंने कहा कि कागजों में यह चार्ज व्यपारियों पर दिख रहा है, लेकिन व्यावहारिक रूप से कारोबारी अपनी लागत बढ़ाएगा और देर-सबेर इसका पूरा भार ग्राहक पर ही आएगा। व्यापारी घर से शुल्क नहीं भर सकता, इसलिए सेवाओं और सामान के दाम बढ़ेंगे और महंगाई की सीधी मार आम आदमी पर ही पड़ेगी।

'बंद कर देंगे यूपीआई'

चौक के सराफा कारोबारी सिद्धार्थ जैन ने इसे ज्वेलरी सेक्टर के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा कि सराफा बाजार में 2,000 रुपये से नीचे का कोई काम नहीं होता। व्यापारी मात्र 1 प्रतिशत के बेहद कम मार्जिन पर काम करते हैं और पहले से ही इनकम टैक्स और जीएसटी के बोझ तले दबे हैं। ऐसे में 0.4 प्रतिशत एमडीआर देना मुमकिन नहीं है। नियम वापस नहीं हुआ तो सराफा कारोबारी यूपीआई से भुगतान लेना बंद कर देंगे।

भविष्य में और बढ़ोतरी का डर

अवध कैटर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आकाश मिश्रा का मानना है कि भले ही 0.4 प्रतिशत शुल्क अभी छोटा लगे, लेकिन इससे बचने के लिए लोग 2,000 रुपये से बड़े बिलों को दो हिस्सों में तोड़कर (स्प्लिट कर) पे करने लगेंगे। आगे चलकर इसे क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर 3-4 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। कल को शुल्क बढ़ा, तो रेस्टोरेंट और कैटरिंग संचालक इसे सीधे ग्राहकों के बिल में जोड़ेगे, जिससे खाना-पीना और महंगा होगा।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

लखनऊ में नशे के कारोबार पर ANTF का एक्शन: 2 करोड़ की संदिग्ध मॉर्फिन बरामद, बाराबंकी के दो युवक गिरफ्तार

लखनऊ के दुबग्गा क्षेत्र के महिपतमऊ गांव में ANTF और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर दो युवकों को गिरफ्तार किया।

लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ का कहर: 50000 घर आधे से ज्यादा डूबे, पानी कम होने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं

गोमती नदी का जलस्तर 14 दिनों के बाद घटने के बाद भी लोगों की मुसीबतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। फैजुल्लागंज इलाके में लोगों के सामने कई संकट हैं।

लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्राओं का फूटा गुस्सा, खाने में बिच्छू मिलने का आरोप लगाते हुए किया प्रदर्शन

लखनऊ यूनिवर्सिटी में खराब खाने को लेकर छात्राओं का गुस्सा फूटा है। छात्राओं ने खाने में बिच्छू मिलने का आरोप लगाते हुए वीसी ऑफिस पर प्रदर्शन किया।

लखनऊ में LDA कर्मी ने बीजेपी विधायक से ही मांग लिया 25 लाख का घूस, पुलिस ने अब हिरासत में लिया

लखनऊ में एलडीए कर्मी ने बीजेपी विधायक अनिल सिंह से 25 लाख की घूस मांग ली। इस मामले में एलडीए वीसी के निर्देश पर अब कर्मचारी राज किशोर दुबे को हिरासत में लिया गया है।