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अब 200 लीटर से ज्यादा नहीं मिलेगा पेट्रोल और डीजल, सरकार ने तय किये नए नियम

उत्तर प्रदेश सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर नए नियम लागू किए हैं, अब एक बार में 200 लीटर से ज्यादा नहीं मिलेगा।

Gaurav Dwivedi
June 12, 2026
5 min read
अब 200 लीटर से ज्यादा नहीं मिलेगा पेट्रोल और डीजल, सरकार ने तय किये नए नियम

दिल्ली। सरकार ने औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं संस्थागत उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंप से पेट्रोल-डीजल खरीदने पर रोक लगाते हुए उन्हें थोक बिक्री केंद्रों से ईंधन लेने का निर्देश दिया है। आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई। यह प्रतिबंध अधिकतम 90 दिन तक लागू रहेगा जिसे कुछ क्षेत्रों में विशेष रूप से डीजल की असामान्य मांग में वृद्धि के बाद लगाया गया है। थोक उपभोक्ताओं ने मूल्य अंतर के कारण पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदना शुरू कर दिया था। 

दिल्ली में जहां पेट्रोल पंप पर डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है। वहीं थोक बिक्री के लिए यह 134.50 रुपये प्रति लीटर है। यह अंतर इसलिए उत्पन्न हुआ क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों ने खुदरा उपभोक्ताओं को पश्चिम एशिया संकट के बाद अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल से बचाने के लिए खुदरा कीमतों को नियंत्रित रखा है। 

वहीं टेलीकॉम टावर और बिजली उत्पादन जैसे कार्यों के लिए डीजल इस्तेमाल करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं से बाजार दर वसूली जाती है जबकि खुदरा पंप दरें लागत से काफी कम हैं। कीमतों के इस अंतर के कारण बिक्री तरीके में भी बदलाव हुआ और बिक्री का एक हिस्सा निजी क्षेत्र के बिक्री केंद्रों से हटकर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के पेट्रोल पंपों की ओर चला गया। 

मई में सरकारी तेल कंपनियों आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल की पेट्रोल बिक्री में 4.8 प्रतिशत और डीजल बिक्री में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून को 'मोटर स्पिरिट एंड हाई स्पीड डीजल' (रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से आपूर्ति का अस्थायी विनियमन) आदेश, 2026' जारी किया। इसके तहत थोक खरीद पर 90 दिन तक रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। 

सरकार ने कहा कि यह कदम '' वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति'' के कारण उठाया गया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला, शिपिंग लॉजिस्टिक्स और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को प्रभावित किया है। आदेश में कहा गया कि कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल तथा डीजल की बिक्री में असामान्य वृद्धि देखी गई है, क्योंकि औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ता मूल्य अंतर के कारण थोक बाजार से हटकर खुदरा बिक्री केंद्रों से खरीद कर रहे हैं। 

नए नियमों के अनुसार, संस्थागत एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को अब पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें अपने उपभोक्ता पंपों से आपूर्ति लेनी होगी। आदेश में यह भी कहा गया कि खुदरा आउटलेट्स से डीजल की बिक्री वाहन टैंक या पीईएसओ-स्वीकृत कंटेनर तक सीमित होगी और प्रति वाहन या ग्राहक प्रति दिन 200 लीटर की सीमा तय होगी। इस डीजल का पुनर्विक्रय नहीं किया जा सकेगा। 

सरकार ने कहा कि खुदरा पंपों से थोक खरीद से आपूर्ति का दुरुपयोग हो सकता है और इससे स्थानीय स्तर पर कमी तथा आवश्यक सेवाओं में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है। आदेश को लागू कराने की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों और अन्य अधिकृत विक्रेताओं को दी गई है, जबकि राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को जमाखोरी, कालाबाजारी तथा अवैध आपूर्ति पर कार्रवाई करने को कहा गया है।

वहीं टेलीकॉम टावर और बिजली उत्पादन जैसे कार्यों के लिए डीजल इस्तेमाल करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं से बाजार दर वसूली जाती है जबकि खुदरा पंप दरें लागत से काफी कम हैं। कीमतों के इस अंतर के कारण बिक्री तरीके में भी बदलाव हुआ और बिक्री का एक हिस्सा निजी क्षेत्र के बिक्री केंद्रों से हटकर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के पेट्रोल पंपों की ओर चला गया। 

मई में सरकारी तेल कंपनियों आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल की पेट्रोल बिक्री में 4.8 प्रतिशत और डीजल बिक्री में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून को 'मोटर स्पिरिट एंड हाई स्पीड डीजल' (रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से आपूर्ति का अस्थायी विनियमन) आदेश, 2026' जारी किया। इसके तहत थोक खरीद पर 90 दिन तक रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। 

सरकार ने कहा कि यह कदम '' वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति'' के कारण उठाया गया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला, शिपिंग लॉजिस्टिक्स और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को प्रभावित किया है। आदेश में कहा गया कि कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल तथा डीजल की बिक्री में असामान्य वृद्धि देखी गई है, क्योंकि औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ता मूल्य अंतर के कारण थोक बाजार से हटकर खुदरा बिक्री केंद्रों से खरीद कर रहे हैं। 

नए नियमों के अनुसार, संस्थागत एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को अब पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें अपने उपभोक्ता पंपों से आपूर्ति लेनी होगी। आदेश में यह भी कहा गया कि खुदरा आउटलेट्स से डीजल की बिक्री वाहन टैंक या पीईएसओ-स्वीकृत कंटेनर तक सीमित होगी और प्रति वाहन या ग्राहक प्रति दिन 200 लीटर की सीमा तय होगी। इस डीजल का पुनर्विक्रय नहीं किया जा सकेगा। 

सरकार ने कहा कि खुदरा पंपों से थोक खरीद से आपूर्ति का दुरुपयोग हो सकता है और इससे स्थानीय स्तर पर कमी तथा आवश्यक सेवाओं में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है। आदेश को लागू कराने की जिम्मेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों और अन्य अधिकृत विक्रेताओं को दी गई है, जबकि राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को जमाखोरी, कालाबाजारी तथा अवैध आपूर्ति पर कार्रवाई करने को कहा गया है।

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