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नोएडा में चलते-चलते बंद हो रहे ई-रिक्शे, मोबाइल से हैक हो रहा बैटरी सिस्टम… ड्राइवरों ने बताई आपबीती

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई ई-रिक्शा चालकों का दावा है कि उनके वाहन बिना तकनीकी खराबी के अचानक बंद हो रहे हैं. उनका दावा है कि मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से छेड़छाड़ कर बैटरी स्विच ऑफ की जा रही है.

Gaurav Dwivedi
July 2, 2026
3 min read
नोएडा में चलते-चलते बंद हो रहे ई-रिक्शे, मोबाइल से हैक हो रहा बैटरी सिस्टम… ड्राइवरों ने बताई आपबीती

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ई-रिक्शा चलाने वाले इन दिनों एक नई चिंता चर्चा का विषय बनी हुई है. कई ई-रिक्शा ड्राइवरों का दावा है कि उनके वाहन बिना किसी तकनीकी खराबी के अचानक चलते-चलते बंद हो जाते हैं. उनका आरोप है कि कुछ शरारती तत्व मोबाइल फोन के जरिए ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से छेड़छाड़ कर बैटरी को स्विच ऑफ कर देते हैं.ई-रिक्शा ड्राइवरों का कहना है कि कई बार वाहन पूरी तरह ठीक होने के बावजूद अचानक सड़क पर रुक जाता है. बैटरी, मोटर और अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच कराने पर भी कोई खराबी सामने नहीं आती. इससे ड्राइवरों को घंटों सड़क पर परेशान होना पड़ता है. कई बार यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ता है, जिससे ड्राइवरों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है.मोबाइल ऐप और ब्लूटूथ से छेड़छाड़ की आशंका

ई-रिक्शा से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ आधुनिक ई-रिक्शा में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) या कंट्रोलर को ब्लूटूथ या मोबाइल ऐप के जरिए मॉनिटर और नियंत्रित करने की सुविधा होती है. यदि इस सिस्टम की सुरक्षा पर्याप्त मजबूत न हो या किसी बाहरी व्यक्ति को एक्सेस मिल जाए, तो उसके साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ मामलों में ‘BAT-BMS’ नामक मोबाइल ऐप का भी जिक्र सामने आया है. दावा किया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति ई-रिक्शा के सिस्टम से कनेक्ट हो जाए तो वह बैटरी को रिमोट तरीके से स्विच ऑफ कर सकता है.

ड्राइवरों ने सुनाई अपनी परेशानी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ई-रिक्शा चलाने वाले रादिल खान ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे उनका ई-रिक्शा अचानक बंद हो गया. काफी प्रयास करने के बावजूद वाहन चालू नहीं हुआ. बाद में जब वह उसे एजेंसी लेकर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि बैटरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्विच ऑफ हो गई थी, जिसे दोबारा सक्रिय किया गया.

एक अन्य चालक राहुल कुमार ने बताया कि वह सूरजपुर से नोएडा के भंगेल की ओर जा रहे थे. हल्द्वानी मोड़ के पास उनका ई-रिक्शा अचानक बंद हो गया. यात्रियों को बीच रास्ते में उतरना पड़ा और उन्हें कई घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी. बाद में एक मैकेनिक ने सॉफ्टवेयर के जरिए बैटरी को दोबारा ऑन किया.

ई-रिक्शा चालक चरण सिंह ने भी इसी तरह का अनुभव साझा किया. उन्होंने बताया कि करीब 15 दिन पहले उनका वाहन चलते-चलते बंद हो गया था. शुरुआत में उन्हें बैटरी खराब होने की जानकारी दी गई, लेकिन सर्विस सेंटर में जांच के दौरान पता चला कि सॉफ्टवेयर सेटिंग में बदलाव हुआ था.

निर्माता कंपनियों और प्रशासन से मांग

ई-रिक्शा ड्राइवरों ने प्रशासन और निर्माता कंपनियों से मांग की है कि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाया जाए. उनका सुझाव है कि हर ई-रिक्शा में पासवर्ड या मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम अनिवार्य किया जाए, ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना अनुमति वाहन के कंट्रोल सिस्टम तक पहुंच न बना सके.

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