राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: बैंक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने किया विश्वासघात, मिलेगी कर्मों की सजा?
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट में बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. जांच में दान प्रबंधन में निगरानी की कमी और मिलीभगत की आशंका जताई गई है.

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी और कथित गबन मामले को लेकर लोगों में खासी नाराजगी है. इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे है. विपक्षी दल राज्य और केंद्र सरकार पर लगातार हमला कर आरोपियों को बचाने का आरोप लगा रहे है. इस बीच मामले की जांच में नए खुलासे सामने आए हैं.विशेष जांच टीम (SIT) मंगलवार (23 जून) को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंप दी. सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में केवल ट्रस्ट की व्यवस्थाओं पर ही नहीं, बल्कि बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं.
सूत्रों का दावा है कि SIT को जांच के दौरान कुछ बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका के संकेत मिले हैं. SIT की रिपोर्ट में कुछ मामलों में मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है. जांच टीम ने पाया कि दान राशि के प्रबंधन और जमा प्रक्रिया में कई स्तरों पर निगरानी की कमी रही जिसका फायदा उठाया गया.
भर्तियों में खामियां
रिपोर्ट के मुताबिक ट्रस्ट की सिफारिशों के आधार पर हुई कुछ भर्तियों को भी प्रमुख खामियों में शामिल किया गया है. SIT का मानना है कि संवेदनशील जिम्मेदारियों पर नियुक्त कर्मियों की पर्याप्त जांच-पड़ताल और निगरानी नहीं होने से व्यवस्था कमजोर हुई.
पुलिसकर्मियों पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल इस बात को लेकर उठाया गया है कि मंदिर परिसर से बड़ी मात्रा में रकम बाहर जाती रही, लेकिन सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी. ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की सतर्कता भी जांच के दायरे में आ गई है. रिपोर्ट में इस पहलू की गहन जांच की आवश्यकता बताई गई है.
SIT ने दिए हैं सुझाव
सूत्रों के मुताबिक SIT ने दान प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई सुधारात्मक सुझाव भी दिए हैं. इनमें भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा, दान गणना व्यवस्था को और मजबूत करना, डिजिटल निगरानी बढ़ाना तथा संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना शामिल है.
आगे की कार्रवाई पर मंथन
प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद अब शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई को लेकर मंथन शुरू हो गया है. माना जा रहा है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साफ कह चुके हैं कि इस मामले में जो कोई भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
Related Stories
17 साल पुराने हत्या केस में गवाही न देने पर इंस्पेक्टर का गिरफ्तारी वारंट जारी, वेतन भुगतान पर भी रोक
17 साल पुराने हत्या केस में इंस्पेक्टर अजय त्रिपाठी का गिरफ्तारी वारंट जारी, वेतन भुगतान पर भी रोक।
वीणा मानवी का नामांकन रद, बांकीपुर उपचुनाव से पहले JJD को बड़ा झटका
वीणा मानवी का नामांकन रद्द होने से JJD को बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा झटका लगा है। पार्टी को नई रणनीति बनानी होगी।
आपने अदालत को गुमराह किया', समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट का एक्शन, लगाया 3 लाख रुपए का जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना पर अदालत को गुमराह करने के लिए 3 लाख का जुर्माना लगाया। यह निर्णय न्यायपालिका की गरिमा को बनाए रखने के लिए है।
हर दरवाजे पर माथा टेकूंगा, दतिया से आशुतोष को जिताऊंगा… नामांकन पर रो पड़े नरोत्तम मिश्रा
दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी में नामांकन किया. टिकट न मिलने के बावजूद नरोत्तम मिश्रा ने तिवारी का भावुक होकर समर्थन किया और जीत सुनिश्चित करने का संकल्प लिया.
