राजा रघुवंशी हत्याकांड: जमानत बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची सोनम रघुवंशी, बोली- ‘मैं निर्दोष हूं, झूठा फंसाया गया’
इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल कर खुद को निर्दोष बताया है. सोनम ने कहा कि अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और उनकी जमानत रद्द करने का कोई कानूनी आधार नहीं है.

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी ने अपनी जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल किया है. सोनम ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि उसे झूठे तरीके से इस मामले में फंसाया गया है और उसके खिलाफ अभियोजन का पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है. वहीं मेघालय सरकार ने उसकी जमानत रद्द करने की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. मामले पर अब 14 जुलाई को सुनवाई होगी.
सोनम रघुवंशी ने खुद को बताया निर्दोष
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में सोनम रघुवंशी ने कहा है कि वह पूरी तरह निर्दोष है और उसे इस मामले में गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है. उसने अदालत से कहा कि अभियोजन पक्ष के पास उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है और पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य सबूतों पर आधारित है.
सोनम का कहना है कि भारतीय कानून के अनुसार, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की श्रृंखला को संदेह से परे साबित करना अभियोजन की जिम्मेदारी होती है. केवल आरोप लगाए जाने मात्र से किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता.
जमानत रद्द करने का नहीं बनता आधार
हलफनामे में सोनम ने कहा है कि उसे 27 अप्रैल 2026 को अदालत से जमानत मिली थी और अगले दिन यानी 28 अप्रैल को वह जेल से रिहा हो गई थी. इसके बाद से उसने जमानत की सभी शर्तों का पालन किया है और ट्रायल में लगातार सहयोग कर रही है. उसने यह भी कहा कि यदि मुकदमे की सुनवाई में किसी प्रकार की देरी हुई है तो उसके लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. ऐसे में उसकी जमानत रद्द करने के लिए कानून में निर्धारित कोई ठोस आधार मौजूद नहीं है.
मेघालय सरकार ने जमानत रद्द करने की मांग की
दूसरी ओर, मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की है. सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए आरोपी को दी गई राहत वापस ली जानी चाहिए.
14 जुलाई को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
हालांकि, सोनम ने अपने जवाब में सरकार के सभी तर्कों का विरोध करते हुए अदालत से आग्रह किया है कि उसकी जमानत बरकरार रखी जाए, क्योंकि उसने किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है और न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग दे रही है. राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में अब सुप्रीम कोर्ट 14 जुलाई को मेघालय सरकार की याचिका और सोनम रघुवंशी के जवाबी हलफनामे पर सुनवाई करेगा.
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