लखनऊ का चिकनकारी उद्योग वैश्विक तनाव के कारण ठप, 5 लाख रोजगार पर संकट।
लखनऊ की चिकनकारी उद्योग वैश्विक तनाव के कारण ठप, 5 लाख रोजगार पर संकट।

लखनऊ की चिकनकारी उद्योग पर वैश्विक तनाव का असर
लखनऊ की प्रसिद्ध चिकनकारी, जो ₹550 करोड़ के उद्योग का हिस्सा है, अब वैश्विक तनाव के कारण ठप हो गई है। इस उद्योग से लगभग 5 लाख लोगों को रोजगार मिलता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने इस रोजगार को संकट में डाल दिया है।
चिकनकारी: लखनऊ की पहचान
चिकनकारी, जो कि लखनऊ का एक पारंपरिक कढ़ाई कला है, न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुकी है। जब से वैश्विक बाजार में तनाव बढ़ा है, यह उद्योग प्रभावित हुआ है। निर्यात में कमी आई है, जिससे स्थानीय कारीगरों पर संकट आ गया है।
वैश्विक तनाव का प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, विभिन्न देशों के बीच बढ़ते तनावों ने भारतीय कारीगरों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। चिकनकारी के निर्यात में गिरावट आई है, जिससे उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की स्थिति गंभीर हो गई है।
चिकनकारी उद्योग का कुल मूल्य: ₹550 करोड़
नौकरियों की संख्या: लगभग 5 लाख
निर्यात में कमी का सामना कर रहे कारीगर
लखनऊ के कारीगरों ने सरकार से सहायता की मांग की है। वे चाहते हैं कि सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए कदम उठाए ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके।
आगे की राह
इस संकट को देखते हुए, उद्योग संघ ने सरकार से अपील की है कि वह चिकनकारी के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएँ लागू करे। अगर समय पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह उद्योग और इससे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ सकता है।
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