जानिए कहां और कैसे रखे गए अतीक-अशरफ के तीनों हत्यारे?
तीनों आरोपियों का नाम लवलेश तिवारी, मोहित उर्फ सनी सिंह और अरुण मौर्य है..जानिए कहां और कैसे रखे गए अतीक-अशरफ के तीनों हत्यारे?

माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या के तीनों आरोपी लवलेश तिवारी, मोहित उर्फ सनी सिंह और अरुण मौर्य इस समय उत्तर प्रदेश की चित्रकूट जिला जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में बंद हैं. सुरक्षा कारणों से उन्हें सामान्य कैदियों से अलग रखा गया है. जेल प्रशासन उनकी हर गतिविधि पर CCTV कैमरों के जरिए लगातार नजर रख रहता है. इस बहुचर्चित मामले में SIT कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है. अब कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई भी जारी है.
पहले नैनी, फिर प्रतापगढ़ और अब चित्रकूट जेल
अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद तीनों आरोपियों को सबसे पहले प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था. बाद में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रतापगढ़ जेल शिफ्ट किया गया. इसके बाद नवंबर 2023 में प्रशासन ने तीनों को चित्रकूट जिला जेल की हाई-सिक्योरिटी सेल में ट्रांसफर कर दिया. यहां उन्हें अन्य कैदियों से अलग रखा गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके.
कौन हैं तीनों आरोपी?
इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान बांदा निवासी लवलेश तिवारी, हमीरपुर निवासी मोहित उर्फ सनी सिंह और कासगंज निवासी अरुण मौर्य के रूप में हुई थी. पुलिस के अनुसार, तीनों ने मीडिया कर्मी बनकर अतीक और अशरफ के बेहद करीब पहुंचने की योजना बनाई थी और फिर वारदात को अंजाम दिया था. अतीक और अशरफ की हत्या की जांच SIT ने की. जांच पूरी होने के बाद SIT ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी. प्रयागराज की अदालत ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत आरोप तय किए हैं. अब इस मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है.
कैसे हुई थी अतीक और अशरफ की हत्या?
15 अप्रैल 2023 की रात अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस कस्टडी के दौरान मेडिकल जांच के लिए प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल ले जाया जा रहा था. दोनों मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे. इसी दौरान अशरफ ने गुड्डू मुस्लिम का नाम लेते हुए कहा, “मेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम…” तभी एक हमलावर ने अतीक के सिर पर सटाकर गोली मार दी. इसके तुरंत बाद अशरफ पर भी ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं.
कुछ ही सेकंड में दोनों जमीन पर गिर पड़े. इस फायरिंग में एक पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गया. मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने घटनास्थल से तीन पिस्टल और छह खोखे भी बरामद किए थे.
मीडिया कर्मी बनकर पहुंचे थे आरोपी
जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी मीडिया कर्मियों की तरह कैमरा और माइक लेकर मौके पर पहुंचे थे. इसी वजह से वे पुलिस सुरक्षा घेरा पार कर अतीक और अशरफ के बेहद करीब पहुंचने में सफल रहे. वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों ने मौके पर ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
सुरक्षा के बीच जेल में बंद आरोपी
फिलहाल तीनों आरोपी चित्रकूट जिला जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में न्यायिक हिरासत में हैं. जेल प्रशासन ने उन्हें सामान्य कैदियों से अलग रखा है. उनकी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है. बैरक की 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है.
क्या था अतीक अहमद का आपराधिक रिकॉर्ड?
अतीक अहमद उत्तर प्रदेश का चर्चित माफिया और पूर्व सांसद था. उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी समेत 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे. उमेश पाल अपहरण मामले में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी. बाद में उमेश पाल हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस कस्टडी में रहते हुए उसकी और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
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