खबर युग

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की सड़क के कई फुट नीचे तक मिली नमी, IIT खड़गपुर की टीम ने चार घंटे तक की निरीक्षण

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे में खामियों को लेकर आईआईटी खड़गपुर की टीम ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को करीब चार घंटे तक चली छानबीन में ग्रीनफील्ड एरिया में सड़क के नीचे कई फुट तक नमी मिली।

Gaurav Dwivedi
August 8, 2026
3 min read
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की सड़क के कई फुट नीचे तक मिली नमी, IIT खड़गपुर की टीम ने चार घंटे तक की निरीक्षण

लखनऊ: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे कई जगह धंसने के बाद उसकी खामियों की जांच आईआईटी खड़गपुर की टीम ने शुरू कर दी है। शुक्रवार को करीब चार घंटे तक चली छानबीन में ग्रीनफील्ड एरिया में सड़क के नीचे कई फुट तक नमी मिली, जिसे सड़क टूटने की मुख्य वजह माना जा रहा है। टीम के सदस्यों ने मिट्टी और डामर का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है।

चार घंटे तक चली छानबीन

आईआईटी खड़गपुर स्वतंत्र लेबोरेटरी और एनएचएआई की संयुक्त टीम शुक्रवार को एक्सप्रेस-वे पहुंची और निरीक्षण शुरू किया। टीम के सदस्यों ने करीब चार घंटे तक छानबीन की। सूत्रों का कहना है कि सबसे पहले किमी 60 के आसपास उन्नाव इलाके में ग्रीनफील्ड एरिया में बनी सड़क की जांच शुरू हुई। यहीं पर सबसे पहले सड़क धंसी थी। टीम के सदस्यों ने ग्रीनफील्ड एरिया में कई फीट नीचे से मिट्टी निकाली, जो गीली मिली। इससे प्रथमदृष्टया यही सामने आ रहा है कि मिट्टी और गिट्टी की लेबलिंग में लापरवाही से बारिश का पानी सड़क के भीतर काफी नीचे तक चला गया। मिट्टी की पटान ठीक से नहीं की गई थी।

एक्सप्रेस-वे का ड्रेनेज सिस्टम मिला गड़बड़

इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे के ड्रेनेज सिस्टम भी गड़बड़ मिले हैं, जिसकी वजह से पानी बाहर निकलने के बजाए सड़क में ही आ रहा था। लिहाजा जैसे ही गाड़ियां एक्सप्रेस-वे से निकलीं तो सड़क नीचे दबने से टूट गई। संयुक्त टीम के सदस्यों ने करीब चार घंटे से अधिक समय तक एक्सप्रेस-वे के अप और डाउन रूट पर सफर कर बारीकी से निरीक्षण किया और नमूने लेने के साथ ही फोटोग्राफ भी लिए हैं। वहीं पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजी सूचना में दावा किया है कि उनकी ओर से परियोजना के निर्माण में सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं किया गया है।

कहीं अधिक घुमाव तो कहीं मिला स्लोप

टीम को लीड कर रहे आईआईटी खड़गपुर के प्रफेसर केएस रेड्डी ने सभी बिंदुओं पर जांच की। जांच में सामने आया कि लखनऊ से कानपुर जाते वक्त एक्सप्रेस-वे पर घुमाव अधिक है। इस पर एनएचएआई के अधिकारियों ने प्रफेसर को बताया कि नीचे से नदी निकली है, इसलिए घुमाव देना पड़ा है। वहीं, कानपुर से लखनऊ आने वाले एक्सप्रेस-वे पर स्लोप अधिक होने से भी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। फिलहाल, टीम अभी चार-पांच दिन संयुक्त रूप से एक्सप्रेस-वे की जांच करेगी।

स्थलीय निरीक्षण से तैयार होगी रिपोर्ट

एक्सप्रेस-वे की जांच करने वाली टीम ने नमूने जांच के लिए भेजने शुरू कर दिए है। इसके साथ ही स्थलीय निरीक्षण कर बिंदुवार रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट और स्थलीय रिपोर्ट के आधार पर पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। अभी इसमें वक्त लगेगा।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

सम्बंधित ख़बरें

BJP-सपा की तैयारियों के बीच मायावती का बड़ा दांव, कलह और सत्ता से दूरी के बावजूद टिकट बांटने में निकलीं आगे

उत्तर प्रदेश में चार-पांच माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन में मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सबसे आगे चल रही है। बीएसपी ने अब तक अपने 100 उम्मीदवार तय कर दिए हैं।

यूपी-उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान, चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना

चुनाव आयोग ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर राज्यसभा की 11 सीटों पर चुनाव का ऐलान कर दिया है। उत्तर प्रदेश की 10 व उत्तराखंड की एक सीट पर 16 अक्टूबर को वोटिंग कराई जाएगी। जबकि नामांकन भरने की आखिरी डेट 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

यौन उत्पीड़न केस में बृजभूषण शरण सिंह को नोटिस, महिला पहलवानों ने बरी होने के फैसले को दी चुनौती

पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. चार महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने के मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है.

घाटों से लेकर विश्वनाथ धाम तक… 2014 से 2026 तक काशी में पर्यटन का कितना विस्तार?

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर वाराणसी पर्यटन को लेकर जारी आंकड़ों में बड़ा खुलासा हुआ है. वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक 52.71 करोड़ से अधिक भारतीय और विदेशी पर्यटक काशी पहुंचे हैं.