लखनऊ विकास नगर अग्निकांड: आग ने छीन ली दो मासूमों की जिंदगी, सैकड़ों परिवार बेघर
लखनऊ विकास नगर में आग से दो बच्चों की मौत, सैकड़ों परिवार बेघर। राहत कार्य जारी।

लखनऊ: राजधानी के विकास नगर क्षेत्र में 15 अप्रैल 2026 की शाम हुआ भीषण अग्निकांड पूरे शहर को झकझोर गया। सेक्टर-11/12 (रिंग रोड, टेढ़ी पुलिया के पास) स्थित झुग्गी बस्ती में लगी आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया, जिससे 280 से 300 से अधिक झुग्गियां जलकर राख हो गईं और 1000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए।
इस दर्दनाक हादसे का सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि एक मजदूर परिवार की दो मासूम बेटियां — श्रुति (2 वर्ष) और आयुषी (2 माह) — आग की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठीं। दोनों बच्चियां बाराबंकी निवासी सतीश की बेटियां थीं, जिनका परिवार इस हादसे में पूरी तरह टूट गया।
परिवारों का दर्द
यह झुग्गी बस्ती मुख्य रूप से मजदूरों, कूड़ा बीनने वालों, ई-रिक्शा चालकों और घरेलू कामगारों का आश्रय थी। यहां रहने वाले अधिकांश परिवार असम, बाराबंकी, सीतापुर और आसपास के जिलों से आकर बसे थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, जिसने तेज हवाओं और प्लास्टिक-बांस से बने घरों के कारण कुछ ही मिनटों में भयावह रूप ले लिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब 50 से अधिक LPG सिलेंडरों में धमाके हुए।
आज हालात यह हैं कि कई परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं। उनके पास न कपड़े बचे हैं, न जरूरी दस्तावेज और न ही खाने-पीने का कोई साधन। महिलाएं और बच्चे गहरे सदमे में हैं, जबकि लोग अपनी जिंदगी के उजड़ने का दर्द बयां कर रहे हैं।
प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की।
जिला प्रशासन, SDRF, NDRF, फायर ब्रिगेड और पुलिस टीमों ने रातभर कड़ी मेहनत कर आग पर काबू पाया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी, कपड़े और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की जा रही है।
हमारी संवेदनाएं
यह हादसा सिर्फ एक आग नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों के सपनों के जलने की कहानी है। खासकर सतीश का परिवार, जिसने अपनी दो मासूम बेटियों को खो दिया — इस दर्द को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
यह घटना शहरी गरीब बस्तियों में सुरक्षा, फायर सेफ्टी और बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी को उजागर करती है। जरूरत है कि प्रशासन जल्द से जल्द पीड़ितों को उचित मुआवजा, स्थायी आवास और रोजगार सहायता उपलब्ध कराए।
आप भी मदद कर सकते हैं
जरूरतमंदों को कपड़े, राशन और दवाइयां उपलब्ध कराएं
विकास नगर थाना या जिला प्रशासन से संपर्क करें
स्थानीय NGO और राहत केंद्रों के माध्यम से सहयोग दें
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
Related Stories
राजा भैया को बड़ा झटका,दिल्ली हाईकोर्ट ने समन को सही बताया
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट के तहत उपाय ज़्यादातर सिविल हैं, लेकिन कानून में क्रिमिनल एनफोर्समेंट प्रोविजन भी हैं, जिसमें प्रोटेक्शन ऑर्डर तोड़ने पर सजा भी शामिल है.
बिहार में सियासी हलचल तेज: राबड़ी देवी का बंगला खाली करने का आदेश पर RJD बोली- बदले की भावना
आरजेडी के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतियों की आलोचना करने वाले विपक्षी दलों को निशाना बना रही है। लोकतंत्र की खूबसूरती सरकार की कमियों को उजागर करने में है।
ट्विशा के शव का भोपाल एम्स में ही होगा दोबारा पोस्टमार्टम
ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम भोपाल एम्स में किया जाएगा। परिजनों ने पहले प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
यूपी में आज से जनगणना-2027 के पहले चरण की शुरुआत,पहले चरण में मकानों की गिनती
यूपी में आज से मकानों को गिनने का सिलसिला शुरू हो जाएगा. मकानों की गिनती के बाद इंसानों की गिनती दूसरे चरण यानी अगले साल फरवरी में होगी. जनगणना के लिए नियुक्त प्रगणक घर-घर जाएंगे और लोगों से 33 सवाल पूछेंगे.
