स्पेन फिर बना वर्ल्ड चैंपियन, फेरान टॉरेस के गोल से अर्जेंटीना को दी शिकस्त
इस फाइनल के पहले मिनट से लेकर पूरे 90 मिनट और फिर एक्सट्रा टाइम में भी स्पेन का दबदबा रहा. यहां तक कि उसने 20 शॉट अर्जेंटीना के गोल की तरफ दागे, जबकि अर्जेंटीना इस दौरान एक भी शॉट नहीं दाग सकी.

स्पेन एक बार फिर फुटबॉल की दुनिया का बादशाह बन गया है. FIFA वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को हराते हुए दूसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया है. पूरे 120 मिनट तक चले इस फाइनल में स्पेन ने सब्स्टीट्यूट के रूप में आए फेरान टॉरेस के इकलौते गोल के दम पर अर्जेंटीना को 1-0 से हरा दिया. टॉरेस ने मैच के 106वें मिनट में ये गोल किया, जिसका कोई जवाब अर्जेंटीना के पास नहीं था.
पूरे मैच में स्पेन का अटैक, टॉरेस ने किया गोल
इस फाइनल में शुरू से ही स्पेन का पलड़ा अर्जेंटीना की तुलना में थोड़ा भारी माना जा रहा था. इसकी वजह टीम का मजबूत डिफेंस और काफी तेज-तर्रार युवा अटैक था. वहीं पिछले 2 मुकाबलों में अर्जेंटीना की टीम ने आखिरी मिनटों में खेल का रुख पलटते हुए हार को जीत में बदला था. मगर स्पेन के खिलाफ ये आसान नहीं होने वाला था और यही पूरे 120 मिनट से कुछ ज्यादा के खेल में देखने को मिला.
स्पेन का इस मैच में दबदबा इस कदर रहा कि 90 मिनट और फिर एक्सट्रा टाइम के पहले हाफ के खत्म होने तक उसने अर्जेंटीना के गोल पर 19 शॉट दाग दिए थे, जिसमें से 10 निशाने पर थे. हालांकि, वो कोई गोल नहीं कर सकी, जबकि एक गोल को फाउल के कारण रद्द कर दिया गया. मगर एक्सट्रा टाइम के दूसरे हाफ में पहला मिनट शुरू होते ही फेरान टॉरेस ने बाएं पैर से एक दनदनाता शॉट दागा, जो सीधे गोल में समा गया और स्पेन ने 1-0 की बढ़त ले ली. स्पेन का मैच में ये 20वां शॉट था.
नहीं चले मेसी, फिसड्डी साबित हुई अर्जेंटीना
दूसरी ओर इस मैच में लियोनल मेसी का मैजिक भी देखने को नहीं मिला और उसका असर अर्जेंटीना के प्रदर्शन पर नजर आया. स्पेन के गोल करने तक अर्जेंटीना ने पूरे मैच में एक भी शॉट स्पेन के गोल पर नहीं मारा था और ये नाकामी ही उसे भारी पड़ी. आखिरी मिनटों में अर्जेंटीना को कुछ मौके मिले और उसने 3 बार गोल पर अटैक किया लेकिन तीनों बार शॉट टारगेट पर नहीं थे. यही इस पूरे मैच का सार रहा.
2010 के अंदाज में दूसरी बार जीता खिताब
इसके साथ ही अर्जेंटीना का लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार खिताब जीतने का सपना टूट गया, जबकि मेसी का एक और वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ रिटायर होने का सपना भी अधूरा रह गया. वहीं स्पेन ने दूसरी बार इस ट्रॉफी को अपने नाम कर लिया. संयोग से 2010 में पिछली बार जब स्पेन ने ये ट्रॉफी उठाई थी, तब भी एक्सट्रा टाइम में ही मैच का इकलौता गोल हुआ था, जिससे स्पेन चैंपियन बना था. साथ ही उस वक्त भी वर्ल्ड कप जीतने से 2 साल पहले टीम ने यूरो कप जीता था. इस बार भी एक्सट्रा टाइम में टीम चैंपियन बनी, जबकि 2 साल पहले ही 2024 में टीम ने यूरो कप जीता था.
चैंपियन स्पेन पर बरसा छप्पर फाड़ पैसा, 481 करोड़ के साथ ही मिले ये इनाम
इस बार वर्ल्ड कप में 32 के बजाए कुल 48 टीमों ने हिस्सा लिया, जिसके चलते FIFA ने प्राइज मनी पूल को बढ़ाकर 655 मिलियन डॉलर कर दिया था. इसमें सबसे ज्यादा पैसा जाहिर तौर पर विजेता को मिला. मगर सिर्फ पैसा ही नहीं, स्पेन को इसके अलावा भी कुछ खास प्राइज मिले
स्पेन को कितना पैसा मिला?
स्पेन के लिए इकलौता गोल फेरान टॉरेस ने किया, जिन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. इसके लिए उनको एक खास ट्रॉफी मिली. मगर सिर्फ ये ट्रॉफी या वर्ल्ड कप की सुनहरी ट्रॉफी ही नहीं, चैंपियन टीम पर पैसों समेत अन्य इनामों की बारिश हुई. FIFA की ओर से इस बार कुल 655 मिलियन डॉलर के प्राइज पूल का ऐलान किया गया था. इसमें से सबसे ज्यादा 50 मिलियन डॉलर यानि करीब 481 करोड़ रुपये मिले चैंपियन स्पेन को मिलेंगे. ये वर्ल्ड कप के इतिहास में चैंपियन टीम को मिलने वाली अब तक की सबसे बड़ी रकम है. वहीं उप-विजेता अर्जेंटीना भी खाली हाथ नहीं लौटी और उसे 33 मिलियन डॉलर (317 करोड़ रुपये) इनाम में मिले हैं.
इनाम में ये चीजें भी मिलीं
स्पेन को प्राइज मनी के रूप में मिलने वाली इस रकम को टीम के सभी खिलाड़ियों में बराबर बांटा जाएगा. मगर सिर्फ पैसा और ट्रॉफी ही नहीं, चैंपियन टीम के खिलाड़ियों को गोल्ड मेडल भी दिए ग. इतना ही नहीं, FIFA की ओर से पहली बार चैंपियन टीम के सभी खिलाड़ियों के लिए एक खास रिंग भी इनाम के रूप में तैयार की गई है, जो स्पेन के 30 खिलाड़ियों को मिलेगी. ये रिंग गोल्ड से बनी है, जिसमें छोटे-छोटे कई हीरे बने हैं. इसमें एक तरफ वर्ल्ड कप की ट्रॉफी बनी है, जबकि दूसरी ओर स्पेन का नाम लिखा जाएगा.
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