लखनऊ LIVE

लखनऊ: होटल में आधी रात फर्जी छापा, खुद को बताया विदेश मंत्रालय का अफसर; 478 जाली ID कार्ड समेत दो गिरफ्तार

लखनऊ के गोमतीनगर में खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताकर होटल में फर्जी छापेमारी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार। पुलिस ने 478 फर्जी MEA आईडी कार्ड समेत कई जाली दस्तावेज बरामद किए।

Gaurav Dwivedi
August 18, 2026
4 min read
लखनऊ: होटल में आधी रात फर्जी छापा, खुद को बताया विदेश मंत्रालय का अफसर; 478 जाली ID कार्ड समेत दो गिरफ्तार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमतीनगर में खुद को विदेश मंत्रालय (MEA) का अधिकारी बताकर होटल में फर्जी छापेमारी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त की देर रात तीन संदिग्ध लोग गोमतीनगर के विकासखंड-3 स्थित होटल क्रिस्टेलिया में पहुंचे और खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताकर होटल कर्मचारियों पर रौब जमाया। आरोप है कि संदिग्धों ने होटल का गेट अंदर से लॉक कराया, कर्मचारियों के साथ मारपीट की और कमरों में ठहरे मेहमानों से भी पूछताछ व तलाशी ली।

मामले की सूचना मिलने के बाद गोमतीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नोएडा निवासी अभिनव सिंह और मेरठ निवासी शिवम चौहान के रूप में हुई है। तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।

खुद को बताया विदेश मंत्रालय का अफसर

होटल संचालक की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, 15 अगस्त की रात करीब एक बजे तीन संदिग्ध होटल में दाखिल हुए। उन्होंने खुद को विदेश मंत्रालय का उच्चाधिकारी बताते हुए रिसेप्शन का दरवाजा अंदर से बंद करा दिया।

जब नाइट मैनेजर कुमार सर्वोत्तम पाठक ने उनसे आधिकारिक पहचान पत्र दिखाने को कहा तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि इसके बाद मैनेजर और एक अन्य कर्मचारी के साथ मारपीट की गई और होटल के कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए गए।

गेस्ट्स के कमरों में जाकर की तलाशी

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, इसके बाद आरोपी होटल की पहली और दूसरी मंजिल पर पहुंचे। उन्होंने कमरों के दरवाजे खटखटाकर वहां ठहरे मेहमानों को परेशान किया और उनकी तलाशी लेने का प्रयास किया।

आरोपियों ने रिसेप्शन काउंटर पर रखे जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज भी खंगाले। शिकायत के अनुसार, कुछ दस्तावेज आरोपियों ने अपने साथ लाई गई गाड़ी में रख लिए।

हंगामे के बीच होटल के एक कर्मचारी ने किसी तरह एक गेस्ट के मोबाइल फोन से होटल संचालक को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस को भी मामले से अवगत कराया गया।

पुलिस ने दो आरोपियों को मौके से दबोचा

सूचना मिलते ही गोमतीनगर पुलिस की टीम होटल पहुंची और मौके से दो संदिग्धों को पकड़ लिया। पुलिस ने उनकी तलाशी ली तो बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज और पहचान पत्र बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के नाम से बने 478 फर्जी आईडी कार्ड , विदेश मंत्रालय का एक प्लास्टिक कवर वाला कार्ड और एक विदेशी आईडी कार्ड बरामद हुआ है।

इसके अलावा पुलिस ने तीन फर्जी आधार कार्ड, 14 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, दो चेकबुक, एक चेक और तीन मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया है।

तुर्किए की महिला की तलाश का बनाया बहाना

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने होटल में एक तुर्किए की महिला की तलाश का बहाना बनाकर छापेमारी की। खुद को केंद्रीय महकमे का अधिकारी बताकर होटल कर्मचारियों पर दबाव बनाया गया।

हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के पीछे आरोपियों का वास्तविक मकसद क्या था, इसकी जांच पुलिस कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद किए गए फर्जी पहचान पत्र कहां तैयार किए गए और इनका इस्तेमाल पहले किसी अन्य वारदात में तो नहीं हुआ।

478 फर्जी कार्ड मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विदेश मंत्रालय के नाम से फर्जी आईडी कार्ड बरामद होने के बाद मामला गंभीर माना जा रहा है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि कहीं आरोपी किसी बड़े फर्जीवाड़े या संगठित गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं।

मानव तस्करी, अंतरराष्ट्रीय फर्जीवाड़े या जासूसी जैसे संभावित एंगल की भी जांच की जा रही है, हालांकि इन कोणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

गंभीर धाराओं में मुकदमा, तीसरे आरोपी की तलाश

पुलिस ने होटल संचालक की तहरीर के आधार पर तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान मामले में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धमकी और अन्य संबंधित गंभीर धाराओं को जोड़े जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है। साथ ही बरामद दस्तावेजों की जांच और आरोपियों के संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

Related Stories

लखनऊ में कैदियों को ले जा रही पुलिस वैन खराब, बारिश में इंतजार करते रहे 30 कैदी, रास्‍ते में लगा जाम

लखनऊ से सुल्‍तानपुर जाने वाले रास्‍ते पर रात में कैदी वैन खराब होने से यातायात बाधित हो गया। काफी देर के इंतजार के बाद कैदियों को दूसरी गाड़ी से भेजा गया।

लखनऊ यूनिवर्सिटी में 4 गुना तक बढ़ी हॉस्टल फीस, 7 की जगह 27 हजार चुकाने होंगे, छात्रों ने घेरा VC ऑफिस

लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया है. मंगलवार को प्रदर्शनकारी छात्रों ने कुलपति ऑफिस का घेराव करते हुए हॉस्टल की बढ़ी हुई फीस को वापस लेने की मांग की है.

ट्रांसपोर्टर धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या: कब्जे का किया था खुलासा, उन्नाव जमीन विवाद में CM से की थी जांच की मांग

महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने बांगरमऊ (उन्नाव) इलाके में भू-माफिया के कब्जे का खुलासा करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी।

'मैं अभी जिंदा हूं', टीवी पर अपनी मौत की खबर देख हिंदू युवा वाहिनी नेता ने जारी किया वीडियो

लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी के नेता धीरेंद्र प्रताप की अपहरण और हत्या की खबर झूठी निकली। धीरेंद्र प्रताप ने खुद सामने आकर कहा कि वह जीवित और सकुशल हैं और मीडिया से खबरों की पुष्टि करने की अपील की।