'पप्पू यादव का सिर काटकर लाने वाले को 51 लाख', लखनऊ में प्रदर्शन
संसद में भगवा पहन प्रदर्शन करने के चलते सांसद पप्पू यादव के खिलाफ गुस्सा फूटा है. लखनऊ में पप्पू यादव की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली की गई.

संसद परिसर में साधु का भेष बनाकर और भगवा कपड़े पहनकर राम मंदिर में कथित चोरी का विरोध करने वाले सांसद पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं. यह विवाद अब संसद से निकलकर सड़कों तक पहुंच गया है. शनिवार (01 अगस्त, 2026) को में 'सनातन रक्षा संगठन' के बैनर तले पप्पू यादव के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया गया.
सैकड़ों की संख्या लखनऊ में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने पप्पू यादव की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली और जमकर नारेबाजी की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पप्पू यादव के साथ-साथ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तस्वीरों पर भी चप्पलें मारकर अपना विरोध दर्ज कराया.
'पप्पू यादव मुर्दाबाद' के लगे नारे
प्रदर्शन के दौरान 'पप्पू यादव मुर्दाबाद', 'पप्पू यादव होश में आओ' और 'सनातन से मत टकराओ' जैसे नारे गूंजते रहे. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर भगवा वस्त्र पहनकर इस तरह का प्रदर्शन करना सनातन परंपरा और साधु-संतों का घोर अपमान है. उनका कहना है कि राम मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे पर भगवा का इस्तेमाल जानबूझकर किया गया, जिससे करोड़ों सनातनियों की भावनाएं आहत हुई हैं.
सिर काटने पर 51 लाख रुपये का इनाम
सनातन रक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुरोध राय ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पप्पू यादव पर तीखा हमला बोला. उन्होंने ऐलान किया कि जो भी व्यक्ति पप्पू यादव का सिर काटकर लाएगा, उसे 51 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा.
अनुरोध राय ने कहा, "भगवा कोई राजनीतिक वेशभूषा नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और सनातन परंपरा का प्रतीक है. पप्पू यादव पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, ऐसे व्यक्ति को भगवा पहनने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है."
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये लोग दूसरे धर्मों के प्रतीकों के साथ ऐसा करने की हिम्मत दिखा सकते हैं? फिर सनातन को ही बार-बार निशाना क्यों बनाया जाता है?
अखिलेश और राहुल गांधी को भी घेरा
अनुरोध राय ने इस पूरे विवाद के लिए विपक्षी नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में पप्पू यादव ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी के इशारे पर ही यह प्रदर्शन किया था. उन्होंने कहा, "ये लोग हमेशा सनातन का मजाक उड़ाते हैं. इनका राम मंदिर के मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि ये इस मुद्दे की आड़ में केवल हिंदू धर्म का अपमान करना चाहते हैं."
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा बवाल शुक्रवार को संसद परिसर में हुए एक प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ. सांसद पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहनकर और साधु का रूप धरकर राम मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया था. इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा के कई नेता भी वहां मौजूद थे. आरोप है कि पप्पू यादव ने इस वेशभूषा के जरिए यह दिखाने की कोशिश की थी कि राम मंदिर में चोरी किसी संत ने ही की है, जिसके बाद संत समाज और हिंदू संगठनों में भारी रोष है.
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