लखनऊ में जेन-जी छात्रों के समर्थन में यूथ कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन, राजभवन घेरने की कोशिश पुलिस ने की नाकाम
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को लखनऊ में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन जेन-जी छात्रों के समर्थन में किया गया। प्रदर्शनकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जेन-जी छात्रों के समर्थन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को यूथ कांग्रेस ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जी छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस की कार्रवाई के अलावा पैलेट गन के इस्तेमाल के विरोध में कार्यकर्ताओं ने परिवर्तन चौक से विधानसभा होते हुए राजभवन घेरने के लिए दो किमी से ज्यादा लंबे मार्च का ऐलान किया था।
हालांकि, विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तय समय से करीब डेढ़ घंटे पहले ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र व प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खींच-खींचकर गाड़ियों में भरा
लखनऊ के परिवर्तन चौक से शुरू हुआ कांग्रेस के युवा छात्रों का मार्च जैसे ही करीब 300 मीटर आगे बाबू केडी सिंह स्टेडियम के पास पहुंचा, वहां पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड लगाकर रोक लिया। हजरतगंज चौराहे से होते हुए राजभवन की ओर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस की तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई।
इसके बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए एक-एक कार्यकर्ता को जबरन उठाकर पुलिस वैन में डाला और सीधे इको गार्डन भेज दिया। इस हंगामे के चलते स्टेडियम चौराहे पर कुछ देर तक जाम की स्थिति बनी रही, जिसे बाद में पुलिस ने नियंत्रित किया।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक शिवहरे के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन
यूथ कांग्रेस के इस बड़े प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक शिवहरे कर रहे थे। छात्रों की आवाज बुलंद करने के लिए कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, सांसद राकेश राठौर, राष्ट्रीय सचिव जगदीश चंद्र जांगीड़, अब्दुल हन्नान और पूर्व एमएलसी दीपक सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता भी मार्च में शामिल हुए। राजभवन कूच के दौरान पुलिस ने सभी वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया और प्रदर्शनकारियों के साथ उन्हें भी गाड़ियों में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया।
'पेपर लीक रोकते तो आंदोलन न होते'
पुलिस की गाड़ी में बैठाए जाने के बाद पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जितनी पुलिस फोर्स छात्रों और विपक्ष के लोकतांत्रिक प्रदर्शन को कुचलने में लगाई गई है यदि उतनी मेहनत पेपर लीक रोकने में की जाती तो आज देश का युवा सड़कों पर नहीं होता। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय के इशारे पर छात्रों की आवाज दबाई जा रही है। नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक गृहमंत्री अमित शाह इस्तीफा नहीं देते और छात्रों पर बर्बरता बंद नहीं होती, यह आंदोलन जारी रहेगा।
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