'बेटी बीमार हुई तो जिम्मेदार कौन'; अमेरिका से लौटे वैज्ञानिक पिता ने खोला मोर्चा DM से की शिकायत, स्कूल में मच्छर काटने का है मामला
मुरादाबाद के एक निजी स्कूल में एलकेजी की छात्रा को बार-बार मच्छरों के काटने का मामला सामने आया है. पिता की शिकायत के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया है.प्रोफेसर ने अपनी एलकेजी में पढ़ने वाली बेटी के स्कूल में मच्छर काटने का मुद्दा उठाया है।

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में छोटी बच्ची को स्कूल में मच्छर काटने की घटना को लेकर विवाद गहराया हुआ है। दरअसल, मुरादाबाद जिले में एक प्रोफेसर डॉ. सोनू सिंह ने अपनी एलकेजी में पढ़ने वाली 6 साल की बेटी को स्कूल में मच्छर ने काटने पर डीएम को मेल कर स्कूल की शिकायत कर दी। शिकायत में प्रोफेसर पिता ने लिखा है कि अगर मच्छर के काटने से मेरी बेटी को बीमारी होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ऋतु तोमर ने प्राइवेट स्कूल को फॉगिंग कराने के निर्देश दिए हैं।संपूर्ण शुल्क वसूलने के बाद भी छात्रों को स्वास्थ्यप्रद और सुरक्षित वातावरण न दे पाना निजी शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली और बच्चों की बुनियादी सुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी पर बेहद गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है. डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियों के व्यापक खतरे को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर इस लापरवाही को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ लिया जा रहा है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ऋतु तोमर ने संज्ञान लिया है और जिले भर के विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने हेतु फॉगिंग कराने की प्रशासनिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है.
अभिभावक का विरोध, जोखिम की गंभीरता
छात्रा के पिता ने अपनी शिकायत में इस बात पर विशेष बल दिया है कि यह विषय केवल एक मामूली असुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि मासूम बच्चों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है. छोटे बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिससे वे मच्छर जनित गंभीर संक्रमणों की चपेट में अति शीघ्र आ सकते हैं.
अभिभावकों का तर्क है कि वे विद्यालय प्रबंधन को भारी-भरकम शुल्क का भुगतान केवल किताबी ज्ञान के लिए नहीं, अपितु अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक कल्याण की पूर्ण सुरक्षा की आशा में करते हैं. पहली शिकायत के उपरांत भी कोई निरोधात्मक कदम न उठाया जाना प्रबंधन की आपराधिक उपेक्षा को प्रदर्शित करता है.
विद्यालय प्रबंधन की जवाबदेही पर उठे कड़े सवाल
इस संपूर्ण प्रकरण ने निजी विद्यालयों के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता मानकों और प्रबंधन की व्यावसायिक मानसिकता की पोल खोलकर रख दी है. जब अभिभावक अपने बच्चों को कई घंटों के लिए स्कूल परिसर के सुपुर्द करते हैं, तब एक सुरक्षित, कीट-मुक्त और रोग-रहित वातावरण प्रदान करना संस्था की प्राथमिक नैतिक एवं वैधानिक जिम्मेदारी बन जाती है.
डीएम ने दिए निर्देश
डीएम ने अभिभावक की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने डीआईओएस को समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए। इस मुद्दे पर मुरादाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ऋतु तोमर ने मीडिया को बताया कि प्रोफेसर की शिकायत संज्ञान में आई है। इसके बाद प्राइवेट स्कूल को फॉगिंग कराने के निर्देश दिए हैं। निर्देश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
Related Stories
यूपी में रील्स और इंफ्लूएंसर्स के जरिए विपक्ष को जवाब देगी बीजेपी, 17 सितंबर से शुरू होगा 'सेवा संकल्प अभियान'
यूपी चुनाव से पहले बीजेपी अब चुनावी नैरेटिव की लड़ाई को सोशल मीडिया के मोर्चे पर तेज करने जा रही है। पीएम मोदी के जन्मदिन पर बीजेपी प्रदेश भर में 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू करेगी।
यूपी प्रभारी बनने के बाद BJP नेता विनोद तावड़े का पहला दौरा, बूथ मैनेजमेंट और SIR है मुख्य एजेंडा
उत्तर प्रदेश के प्रभारी बनने के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े पहली बार 5 सितंबर को राज्य के दौरे पर आ रहे हैं। माना जाता है कि वे इस दौरे के साथ बीजेपी की चुनावी मशीनरी की बूथ स्तर तक गहन समीक्षा की शुरुआत करेंगे।
'पत्नी के लिए खड़े नहीं हो सकते, महिलाओं को 40 हजार देंगे', प्रियंका मौर्य का अखिलेश यादव पर हमला
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को उनके महिलाओं को 40 हजार रुपये देने के वादे को लेकर निशाना बनाया है।
तीन IAS अधिकारी, दस IPS और आठ PPS सहित यूपी में 21 अफसर हुए रिटायर, देखिए पूरी लिस्ट
यूपी में 21 अफसर 31 अगस्त को सेवानिवृत हो गये। इनमें तीन आईएएस और दस आईपीएस अफसरों के साथ आठ पीपीएस अधिकारी हैं।
