UP की बड़ी खबर

उत्तर प्रदेश के KGMU में MBBS इंटर्न की भूख हड़ताल शुरू…

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के MBBS इंटर्न ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे.

Gaurav Dwivedi
August 22, 2026
2 min read
उत्तर प्रदेश के KGMU में MBBS इंटर्न की भूख हड़ताल शुरू…

उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के MBBS इंटर्न ने अपना स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. उन्होंने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर भूख हड़ताल शुरू की है. विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने स्पष्ट किया कि अगर उनकी मांग पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपना आंदोलन तेज कर देंगे.छात्रों का कहना है कि उन्हें अभी ₹12,000 का मासिक स्टाइपेंड मिलता है, जो दूसरे राज्यों में मिलने वाले स्टाइपेंड की तुलना में बहुत कम है. वे मांग कर रहे हैं कि इसे बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह किया जाए. छात्रों के अनुसार, कई अन्य राज्यों में MBBS इंटर्न को ₹30,000 से ₹35,000 तक का मासिक स्टाइपेंड मिलता है, जिससे उत्तर प्रदेश में मिलने वाली राशि तुलनात्मक रूप से बहुत कम हो जाती है.

अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन की चेतावनी

छात्रों का जोर इस बात पर है कि यह केवल स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग नहीं है, बल्कि इंटर्न डॉक्टरों के काम और जिम्मेदारियों के अनुरूप उचित मेहनताना पाने का मुद्दा है. उनका आरोप है कि उनके काम की प्रकृति और बढ़ती जरूरतों को देखते हुए मौजूदा स्टाइपेंड में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं की गई है. छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे.

KGMU के मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल तैनात

विरोध प्रदर्शन को देखते हुए KGMU के मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस तथा प्रशासन दोनों ही स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं. फिलहाल यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि अस्पताल का कामकाज प्रभावित न हो और विरोध प्रदर्शन के दौरान मरीजों और उनके साथ आए लोगों को कोई असुविधा न हो.

अस्पताल का कामकाज होगा प्रभावित

KGMU राज्य के सबसे बड़े मेडिकल संस्थानों में से एक है, जहां इलाज के लिए बड़ी संख्या में मरीज आते हैं. ऐसे में, अगर इंटर्न का विरोध प्रदर्शन लंबा खिंचता है, तो अस्पताल के कामकाज का प्रभावित होगा. अस्पताल प्रशासन को उन सेवाओं के संबंध में विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है जिन्हें आमतौर पर इंटर्न डॉक्टर संभालते हैं.

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

Related Stories

यूपी में रील्स और इंफ्लूएंसर्स के जरिए विपक्ष को जवाब देगी बीजेपी, 17 सितंबर से शुरू होगा 'सेवा संकल्प अभियान'

यूपी चुनाव से पहले बीजेपी अब चुनावी नैरेटिव की लड़ाई को सोशल मीडिया के मोर्चे पर तेज करने जा रही है। पीएम मोदी के जन्मदिन पर बीजेपी प्रदेश भर में 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू करेगी।

यूपी प्रभारी बनने के बाद BJP नेता विनोद तावड़े का पहला दौरा, बूथ मैनेजमेंट और SIR है मुख्य एजेंडा

उत्तर प्रदेश के प्रभारी बनने के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े पहली बार 5 सितंबर को राज्य के दौरे पर आ रहे हैं। माना जाता है कि वे इस दौरे के साथ बीजेपी की चुनावी मशीनरी की बूथ स्तर तक गहन समीक्षा की शुरुआत करेंगे।

'पत्नी के लिए खड़े नहीं हो सकते, महिलाओं को 40 हजार देंगे', प्रियंका मौर्य का अखिलेश यादव पर हमला

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को उनके महिलाओं को 40 हजार रुपये देने के वादे को लेकर निशाना बनाया है।