लखनऊ LIVE

लखनऊ: LDA अप्रूवल का झांसा देकर 338 गज का प्लॉट बेचने का आरोप, अंसल ग्रुप के चेयरमैन समेत 9 पर केस

लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में अंसल API के चेयरमैन सुशील अंसल, प्रणव अंसल समेत 9 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है।

Gaurav Dwivedi
August 27, 2026
3 min read
लखनऊ: LDA अप्रूवल का झांसा देकर 338 गज का प्लॉट बेचने का आरोप, अंसल ग्रुप के चेयरमैन समेत 9 पर केस

लखनऊ: अंसल ग्रुप के खिलाफ उत्तर प्रदेश में चल रही कानूनी कार्रवाई के बीच राजधानी लखनऊ में कंपनी के शीर्ष अधिकारियों पर एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मेसर्स अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (Ansal API) के चेयरमैन सुशील अंसल, वाइस प्रेसिडेंट प्रणव अंसल समेत 9 नामजद अधिकारियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि LDA से स्वीकृत लेआउट और विकास कार्य का भरोसा देकर 338 वर्ग गज का प्लॉट आवंटित किया गया, लेकिन बाद में न तो रजिस्ट्री हुई और न ही जमीन पर कब्जा दिया गया।

LDA अप्रूवल और विकास कार्य का दिखाया भरोसा

मध्यप्रदेश के रीवा निवासी और वर्तमान में लखनऊ के गोमतीनगर के विनम्र खंड में रहने वाले ऋषि कान्त शुक्ला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बहन अनू मिश्र ने वर्ष 2008 में सुशांत गोल्फ सिटी में आवासीय प्लॉट लेने के लिए अंसल कंपनी के कार्यालय में संपर्क किया था।

आरोप है कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने LDA से स्वीकृत नया लेआउट दिखाया और मौके पर विकास कार्य चलने की जानकारी देते हुए 338 वर्ग गज का प्लॉट बुक कराया। इसके बाद प्लॉट से संबंधित एग्रीमेंट भी कराया गया।

लाखों रुपये लेने का आरोप

शिकायतकर्ता के मुताबिक, कंपनी की ओर से प्लॉट के डेवलपमेंट, रजिस्ट्री खर्च और बाउंड्रीवॉल के नाम पर अलग-अलग समय में रकम जमा कराई गई। आरोप है कि करीब 4.50 लाख रुपये, 12 लाख रुपये और 5 लाख रुपये से अधिक की रकम कंपनी को दी गई।

शिकायत में कहा गया है कि रकम जमा करने के बाद जब प्लॉट पर कब्जा लेने की बात आई तो कंपनी के अधिकारी लगातार टालमटोल करते रहे। पारिवारिक समझौते के बाद प्लॉट ऋषि कान्त शुक्ला के नाम ट्रांसफर हुआ। उन्होंने इसके लिए बैंक से होम लोन भी लिया, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद कंपनी ने न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई और न ही कब्जा दिया।

जिस जमीन का प्लॉट बताया, उस पर कंपनी के स्वामित्व पर सवाल

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बाद में जांच करने पर पता चला कि जिस जमीन पर विकास कार्य दिखाकर प्लॉट बेचने की बात कही गई थी, उस जमीन पर कंपनी का वास्तविक स्वामित्व ही नहीं था।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने सरकारी अप्रूवल और कूटरचित दस्तावेजों व नक्शों का इस्तेमाल कर उसे गुमराह किया और उससे रकम ली।

चेयरमैन, वाइस प्रेसिडेंट समेत इन अधिकारियों पर आरोप

मामले में सुशील अंसल और प्रणव अंसल के अलावा तत्कालीन प्रेसिडेंट एवं सीईओ अरुण मिश्र, दिनेश गुप्ता, लैंड इंचार्ज योगेश गहवा, मार्केटिंग प्रभारी अमित मलिक और सीएफओ प्रशांत कुमार समेत अन्य अधिकारियों को नामजद किया गया है।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

Related Stories

लखनऊ में कैदियों को ले जा रही पुलिस वैन खराब, बारिश में इंतजार करते रहे 30 कैदी, रास्‍ते में लगा जाम

लखनऊ से सुल्‍तानपुर जाने वाले रास्‍ते पर रात में कैदी वैन खराब होने से यातायात बाधित हो गया। काफी देर के इंतजार के बाद कैदियों को दूसरी गाड़ी से भेजा गया।

लखनऊ यूनिवर्सिटी में 4 गुना तक बढ़ी हॉस्टल फीस, 7 की जगह 27 हजार चुकाने होंगे, छात्रों ने घेरा VC ऑफिस

लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया है. मंगलवार को प्रदर्शनकारी छात्रों ने कुलपति ऑफिस का घेराव करते हुए हॉस्टल की बढ़ी हुई फीस को वापस लेने की मांग की है.

ट्रांसपोर्टर धीरेन्द्र प्रताप सिंह की हत्या: कब्जे का किया था खुलासा, उन्नाव जमीन विवाद में CM से की थी जांच की मांग

महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने बांगरमऊ (उन्नाव) इलाके में भू-माफिया के कब्जे का खुलासा करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी।

'मैं अभी जिंदा हूं', टीवी पर अपनी मौत की खबर देख हिंदू युवा वाहिनी नेता ने जारी किया वीडियो

लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी के नेता धीरेंद्र प्रताप की अपहरण और हत्या की खबर झूठी निकली। धीरेंद्र प्रताप ने खुद सामने आकर कहा कि वह जीवित और सकुशल हैं और मीडिया से खबरों की पुष्टि करने की अपील की।