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लखनऊ में फर्जी MEA अधिकारी रेड से खुला विदेशी सेक्स रैकेट का कनेक्शन, तुर्कमेनिस्तान की 'रोजा' की तलाश

लखनऊ के गोमतीनगर होटल में फर्जी MEA अधिकारी बनकर रेड के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में तुर्कमेनिस्तान की महिला से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच जारी है।

Gaurav Dwivedi
August 19, 2026
3 min read
लखनऊ में फर्जी MEA अधिकारी रेड से खुला विदेशी सेक्स रैकेट का कनेक्शन, तुर्कमेनिस्तान की 'रोजा' की तलाश

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित होटल क्रिस्टेलिया में 15 अगस्त की देर रात खुद को विदेश मंत्रालय (MEA) का सेक्शन ऑफिसर बताकर फर्जी रेड डालने के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों से पूछताछ के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मध्य एशियाई देशों से जुड़ी महिलाओं के शोषण और देह व्यापार के एक नेटवर्क की जानकारी सामने आई है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे तुर्कमेनिस्तान मूल की 'रोजा' नाम की महिला के इशारे पर होटल में युवतियों की तलाश करने पहुंचे थे। पुलिस अब नेटवर्क की मुख्य आरोपी रोजा और फरार तीसरे आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है।

10 साल से भारत में रहने का दावा

पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, रोजा पिछले करीब 10 वर्षों से भारत में रह रही है। आरोप है कि वह पिछले करीब आठ वर्षों से तुर्कमेनिस्तान की युवतियों को भारत बुलाकर उन्हें देह व्यापार के लिए मजबूर करने वाले नेटवर्क से जुड़ी है।

जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि रोजा युवतियों के पासपोर्ट अपने कब्जे में रखती थी, ताकि वे उसकी अनुमति के बिना कहीं जा न सकें।

पुलिस के अनुसार, 'दुनिया' नाम की एक महिला समेत पांच विदेशी युवतियों के पासपोर्ट रोजा के कब्जे में होने की बात सामने आई है। इनमें 'दुनिया' को मेडिकल वीजा पर भारत लाए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, उसके वीजा की वैधता वर्ष 2025 में समाप्त हो चुकी थी।

तुर्कमेनिस्तान से भी जुड़ा नेटवर्क

पूछताछ में पुलिस को अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े एक और व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तुर्कमेनिस्तान में रहने वाला एक युवक कमीशन के आधार पर युवतियों को भारत भेजने में रोजा की मदद करता था।

जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों, भारत आने वाली विदेशी युवतियों और उनके दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं।

फर्जी MEA अधिकारी बनकर होटल में मारी थी रेड

मामले की शुरुआत 15 अगस्त की देर रात हुई थी। नोएडा निवासी अभिनव सिंह और मेरठ निवासी शिवम चौहान पर आरोप है कि उन्होंने खुद को विदेश मंत्रालय के अधिकारी बताकर गोमतीनगर स्थित होटल क्रिस्टेलिया में फर्जी रेड की।

पुलिस के अनुसार, दोनों ने होटल का गेट अंदर से बंद करवाया और कर्मचारियों के साथ मारपीट कर उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद होटल के कमरों की तलाशी ली गई। होटल में हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

478 फर्जी ID कार्ड और विदेशी दस्तावेज बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विदेश मंत्रालय से जुड़े 478 फर्जी विजिटिंग और आईडी कार्ड बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा विदेशी पहचान पत्र, क्रेडिट-डेबिट कार्ड और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं।

पुलिस अब बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल किन लोगों और किन गतिविधियों के लिए किया जाता था।

लखनऊ में विदेशी महिलाओं से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज

पुलिस इस मामले को विदेशी महिलाओं से जुड़े नेटवर्क के नजरिए से भी जांच रही है। जांच में तुर्कमेनिस्तान और मध्य एशियाई देशों से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद मामले का दायरा बढ़ गया है।

इससे पहले वर्ष 2025 में लखनऊ में लोला कायूमोवा से जुड़े नेटवर्क की जांच में विदेशी महिलाओं की तस्करी, फर्जी दस्तावेज और नेपाल रूट के इस्तेमाल से जुड़े आरोप सामने आए थे। पुलिस ने लोला कायूमोवा को गिरफ्तार किया था।

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