क्या है योगी सरकार की OTS स्कीम? हाउस टैक्स-वाटर टैक्स बकाएदारों को तीन किस्तों में करना होगा बकाए का भुगतान
योगी सरकार ने हाउस और वाटर टैक्स के बकाएदारों के लिए बड़ी राहत योजना लेकर आ रही है। स्वतंत्रता दिवस के दिन से इस योजना को लागू करने की तैयारी है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को हाउस टैक्स और वाटर टैक्स के दायरे में लाया गया है। अमूमन लोग हाउस टैक्स और वाटर टैक्स जमा कर देते हैं, लेकिन कुछ लोग आर्थिक या अन्य दिक्कतों की वजह से हाउस टैक्स और वाटर टैक्स नहीं भर पाते हैं। अब योगी आदित्यनाथ सरकार ने ऐसे बकाएदारों की सुविधा के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम लेकर आ रही है। इस स्कीम को एक साथ प्रदेश के 762 नगर निकायों में लागू किया जाएगा। इसका लाभ हाउस, वाटर और सीवर टैक्स के बकाएदार उठा सकेंगे। योजना के कारण बकाएदारों को तो लाभ होगा ही, पैसे आने से नगर निकायों की वित्तीय स्थिति में भी सुधार होगा।
लाखों करदाताओं को मिलेगी राहत
हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स के मामलों में लाखों बकाएदार ऐसे हैं, जिनको स्कीम से राहत मिलेगी। उनका लंबे समय से कर बकाया है। ब्याज लगातार बढ़ने से राशि में तेजी से बढ़ोत्तरी होती जा रही है। सरकार के स्तर पर लिए गए निर्णय के तहत योजना का लाभ प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों के टैक्स बकाएदारों को मिलेगा।
योगी सरकार ने पुराने कर बकायों का सरल एवं व्यावहारिक तरीके से निस्तारण कराने के लिए ओटीएस स्कीम को लाने का निर्णय लिया है। इससे करदाताओं पर आर्थिक दबाव कम होगा। साथ ही, टैक्स संबंधी कोर्ट केसेज में भी इसके जरिए कमी लाई जा सकेगी।
चार माह चलेगी योजना
नगर निकायों में बकाया टैक्स सेटलमेंट के लिए ओटीएस स्कीम को चार माह तक चलाया जाएगा। नगर निकायों के स्तर पर 15 अगस्त से ओटीएस स्कीम की शुरुआत होगी। इसे 15 दिसंबर तक संचालित करने की योजना है। 15 अगस्त से 15 सितंबर तक नगर निकायों के स्तर से ओटीएस स्कीम के बारे में व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा। कूड़ा उठाव गाड़ियों और अन्य माध्यमों से स्कीम की जानकारी दी जाएगी। अधिक से अधिक लोग योजना का लाभ उठा सकें, इसके लिए योजना का प्रचार-प्रसार सघन करने का निर्णय लिया गया है।
तीन किस्तों में जमा करेंगे टैक्स
टैक्स बकाएदारों को राहत देने के लिए सरकार ने ओटीएस योजना के तहत तीन किस्त में भुगतान तक की सुविधा देने का निर्णय लिया है। ओटीएस के तहत हाउस या प्रॉपर्टी टैक्स बकाएदारों को तीन किस्त में राशि जमा करने की सुविधा होगी। बकाएदारों को योजना लागू होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर कुल बकाए की एक तिहाई यानी लगभग 33.33 फीसदी राशि जमा करनी होगी। बाकी दो किस्त अगले दो माह में जमा कर सकते हैं।
मंत्री ने बताया महत्वपूर्ण पहल
यूपी सरकार में नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने ओटीएस स्कीम को एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार नगर निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। योजना लागू होने से लंबे समय से टैक्स बकाए के मामलों का समाधान हो सकेगा। बकाएदारों के लिए भी पुराने बकाए को चुकाने का एक सरल अवसर होगा।
मंत्री ने कहा कि इस योजना से नगरी निकायों के लंबित टैक्स की वसूली समयबद्ध तरीके से संभव होगी। निकाय होने वाली आय का उपयोग शहरों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक जनसुविधाओं को बेहतर बनाने में कर सकेंगे।
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
Related Stories
यूपी में रील्स और इंफ्लूएंसर्स के जरिए विपक्ष को जवाब देगी बीजेपी, 17 सितंबर से शुरू होगा 'सेवा संकल्प अभियान'
यूपी चुनाव से पहले बीजेपी अब चुनावी नैरेटिव की लड़ाई को सोशल मीडिया के मोर्चे पर तेज करने जा रही है। पीएम मोदी के जन्मदिन पर बीजेपी प्रदेश भर में 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू करेगी।
यूपी प्रभारी बनने के बाद BJP नेता विनोद तावड़े का पहला दौरा, बूथ मैनेजमेंट और SIR है मुख्य एजेंडा
उत्तर प्रदेश के प्रभारी बनने के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े पहली बार 5 सितंबर को राज्य के दौरे पर आ रहे हैं। माना जाता है कि वे इस दौरे के साथ बीजेपी की चुनावी मशीनरी की बूथ स्तर तक गहन समीक्षा की शुरुआत करेंगे।
'पत्नी के लिए खड़े नहीं हो सकते, महिलाओं को 40 हजार देंगे', प्रियंका मौर्य का अखिलेश यादव पर हमला
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को उनके महिलाओं को 40 हजार रुपये देने के वादे को लेकर निशाना बनाया है।
तीन IAS अधिकारी, दस IPS और आठ PPS सहित यूपी में 21 अफसर हुए रिटायर, देखिए पूरी लिस्ट
यूपी में 21 अफसर 31 अगस्त को सेवानिवृत हो गये। इनमें तीन आईएएस और दस आईपीएस अफसरों के साथ आठ पीपीएस अधिकारी हैं।
