क्या यूपी में समय से पहले होने वाले हैं विधानसभा चुनाव, बीएसपी और बीजेपी ने बढ़ाई हलचल
यूपी में विधानसभा चुनाव समय से पहले होने की संभावना। बीएसपी और बीजेपी ने बढ़ाई गतिविधियाँ।

उत्तर प्रदेश में समय से पहले विधानसभा चुनाव की अटकलें राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं, हालांकि बीजेपी या सरकार की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है. इन चर्चाओं को बल इसलिए मिल रहा है क्योंकि लंबे समय से निष्क्रिय रही बीएसपी अचानक संगठन विस्तार, बूथ स्तर की बैठकों और चुनावी तैयारियों में जुट गई है. दूसरी ओर बीजेपी ने भी संगठन और सरकार में बड़े बदलाव किए हैं, नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति, मंत्रिमंडल विस्तार और जिला इकाइयों में व्यापक फेरबदल किया है. आरएसएस भी राज्य में सक्रिय दिख रहा है. वहीं समाजवादी पार्टी भी चुनावी मोड में है. बावजूद इसके, बीजेपी का अब तक का रिकॉर्ड बताता है कि वह समय से पहले चुनाव कराने के बजाय कार्यकाल पूरा होने पर ही चुनाव कराती है. मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल मई 2027 तक है.
पूरे चार साल सोई रही बीएसपी अचानक इतनी ऐक्टिव क्यों?
2022 में विधानसभा चुनाव में केवल एक सीट जीतने वाली बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) पूरे चार साल से करीब-करीब शांत पड़ी थी. 2024 के लोकसभा चुनाव में भी बीएसपी ने मजबूती से चुनाव लड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखाई थी. लेकिन पिछले कुछ महीनों के दौरान बीएसपी अचानक से ऐक्टिव मोड में नजर आ रही है. 24 मई को बीएसपी सुप्रीमो मायावती की मौजूदगी में बीएसपी की एक बड़ी बैठक हुई जिसमें उन्होंने कहा- ‘जनता को एक बार फिर से आजमाई हुई बीएसपी और उसकी आयरन लेडी पर भरोसा करना चाहिए. बहुजन समाज पार्टी (BSP) की ओर से साल 2026 में स्थानीय स्तर पर भी कई बैठकें हो चुकी हैं. इन बैठकों में साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन और जमीनी रणनीति पर चर्चा. पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए गांव और बूथ स्तर पर समितियों का पुनर्गठन और नए पदाधिकारियों की नियुक्ति. दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच भाईचारा कमेटियों को सक्रिय करना जैसे मुद्दों पर बातें होती दिखी.
यूपी बीजेपी में भी अचानक सक्रियता बढ़ी
दूसरी तरफ सत्ताधारी बीजेपी भी सक्रिय नजर आ रही है. 10 मई 2026 को सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी कैबिनेट में छह नए मंत्रियों को शामिल किया और दो राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार देकर उनका प्रमोशन किया गया. केंद्रीय नेतृत्व की ओर से पंकज चौधरी (ओबीसी कुर्मी समुदाय से आने वाले सात बार के सांसद) को यूपी बीजेपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यकर्ता सर्वप्रथम और त्रिकोणीय मॉडल (संगठनात्मक अनुशासन, सरकारी योजनाओं की निगरानी और जनता से सीधा संवाद) लागू किया है. इसके तहत पार्टी दफ्तर में नेताओं के बजाय कार्यकर्ताओं और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई. यूपी बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में 6 क्षेत्रीय इकाइयां (काशी, गोरक्ष, अवध, कानपुर-बुंदेलखंड, पश्चिम और ब्रज) शामिल किए गए.
क्या कहता है बीजेपी का पैटर्न?
2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से बीजेपी में एक खास पैटर्न दिखता है. नई बीजेपी अब तक एक भी मौकों पर समय से पहले विधानसभा चुनाव नहीं कराई है. बीजेपी जहां भी सत्ताधारी रहती है वह विधानसभा का कार्यकाल पूरा करने के बाद ही चुनाव में उतरती है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा (18वीं विधानसभा) का मौजूदा कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त हो रहा है. निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, इस कार्यकाल के समाप्त होने से पहले राज्य में नई विधानसभा के गठन के लिए फरवरी-मार्च 2027 तक चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे.
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