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आरपीआई(आठवले)की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बड़ा संकल्प: आगामी वर्षों में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने की तैयारी

रामदास आठवले के नेतृत्व में संगठन विस्तार का रोडमैप तैयार, बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने पर जोर; राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय सिन्हा की महत्वपूर्ण सहभागिता

Gaurav Dwivedi
August 11, 2026
4 min read
आरपीआई(आठवले)की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बड़ा संकल्प: आगामी वर्षों में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने की तैयारी

नई दिल्ली। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामदास आठवले जी के नेतृत्व में आयोजित हुई। बैठक में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक न्याय, समान अवसर और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर व्यापक मंथन हुआ। राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने आने वाले वर्षों में पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने के लक्ष्य के साथ देशव्यापी संगठन विस्तार का संकल्प लिया।

बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री संजय सिन्हा की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, पार्टी की विचारधारा को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाने और सामाजिक न्याय के मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रखने को लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी में गंभीर चर्चा हुई।

2 करोड़ नए सदस्य जोड़ने का बड़ा लक्ष्य

राष्ट्रीय कार्यकारिणी में आरपीआई को देश के प्रत्येक हिस्से तक पहुंचाने के लिए व्यापक सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। पार्टी ने 2 करोड़ नए सदस्य जोड़ने का लक्ष्य तय करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि केवल बड़े शहरों तक संगठन सीमित न रहे, बल्कि गांव, कस्बे और बूथ स्तर तक पार्टी की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए कार्यकर्ताओं को संगठित करने और मजबूत जमीनी नेटवर्क तैयार करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

आठवले के नेतृत्व में राष्ट्रीय विस्तार की रणनीति

केंद्रीय मंत्री एवं आरपीआई (A) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले के नेतृत्व में पार्टी लंबे समय से सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के मुद्दे को राजनीतिक मंच पर उठाती रही है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इसी विचारधारा को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया।

पार्टी का लक्ष्य अब संगठनात्मक विस्तार के साथ अपनी राजनीतिक उपस्थिति को भी देशव्यापी स्तर पर मजबूत करना है। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने का संकल्प इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक लक्ष्य के रूप में सामने आया।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय सिन्हा की सक्रिय भूमिका

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आरपीआई (A) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय सिन्हा की सहभागिता को भी संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। संजय सिन्हा पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के संगठनात्मक ढांचे का हिस्सा होने के साथ सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।

बैठक में पार्टी के विस्तार और भविष्य की रणनीति को लेकर हुए मंथन में संजय सिन्हा की मौजूदगी ने संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व की सक्रियता को भी रेखांकित किया। पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ उनका समन्वय आने वाले समय में संगठन के विस्तार की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

निजी क्षेत्र में SC, ST और OBC को प्रतिनिधित्व की मांग

राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सामाजिक न्याय के मुद्दे को भी प्रमुख स्थान दिया गया। पार्टी ने कहा कि निजी क्षेत्र में भी SC, ST, OBC और अन्य वंचित वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व और समान अवसर मिलना चाहिए।

आरपीआई ने सामाजिक एवं आर्थिक अवसरों में समानता सुनिश्चित करने के लिए अपनी आवाज को और मजबूती से उठाने का संकल्प लिया। पार्टी का कहना है कि सामाजिक न्याय केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था के प्रत्येक क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित होना चाहिए।

आंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प

बैठक में भारत रत्न एवं संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को देशभर में पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

पार्टी ने संविधान के मूल्यों—समानता, स्वतंत्रता, बंधुता और सामाजिक न्याय—को जन-जन तक पहुंचाने तथा इन विचारों को संगठन के सामाजिक एवं राजनीतिक अभियान का आधार बनाने का संकल्प दोहराया।

बैठक से निकला स्पष्ट संदेश

आरपीआई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह बैठक महज संगठनात्मक बैठक नहीं रही, बल्कि पार्टी ने आने वाले वर्षों के लिए अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा और संगठनात्मक दिशा दोनों स्पष्ट कर दी हैं।

एक ओर रामदास आठवले के नेतृत्व में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने का लक्ष्य, वहीं दूसरी ओर 2 करोड़ नए सदस्यों को जोड़कर बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने की रणनीति—बैठक में पार्टी के विस्तार का स्पष्ट रोडमैप दिखाई दिया।

वहीं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय सिन्हा की सक्रिय सहभागिता ने राष्ट्रीय नेतृत्व के स्तर पर संगठनात्मक मजबूती और विस्तार की दिशा में पार्टी की गंभीरता को सामने रखा।

आरपीआई का अगला लक्ष्य स्पष्ट है—संगठन को गांव से बूथ तक मजबूत करना, वंचित वर्गों की आवाज को राजनीतिक ताकत देना और सामाजिक न्याय के एजेंडे के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत करना।

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