'हॉस्टलों में शराब और सिगरेट चल रही'- आनंदीबेन पटेल
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्र-छात्राओं की उपलब्धियों पर उनकी तारीफ की वहीं नशे के चलन को लेकर उन्हें खरी-खरी सुनाई।

गोरखपुर : यहां के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं के माता-पिता से बेटियों को शिक्षित करने के साथ ही उन्हें संस्कारवान बनाने पर भी ध्यान देने को कहा। राज्यपाल ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की उसकी उपलब्धियों के लिए तारीफ की और साथ ही छात्रावासों में शराब और सिगरेट के सेवन, यूनिवर्सिटी कैंपस में गंदगी सहित अन्य अव्यवस्थाओं पर सवाल भी उठाए।
इतनी परेशान क्यों हैं बेटियां?
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं के संस्कारों में आ रही गिरावट का जिक्र करते हुए कहा कि, अब तो बेटियां अपने पतियों को भी मारने लगी हैं। बेटी को जो पसंद नहीं है, वह उसकी हत्या भी कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि बेटियां पढ़ रही हैं, अवॉर्ड भी जीत रही हैं। जीवन में आगे बढ़ रहीं है, फिर इतनी परेशान क्यों हैं। इस पर यूनिवर्सिटी और लड़कियों के माता-पिता को अब विचार करना चाहिए। राज्यपाल ने संयुक्त परिवार की जरूरत को रेखांकित करते हुए कहा कि परिवार चलाने के लिए संस्कार, संवाद और सम्मान जरूरी है। उन्होंने रिश्तों के टूटते ताने-बाने को संजोने पर जोर दिया।
माता-पिता ने पढ़ने भेजा, नशा करने के लिए नहीं
राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं से कहा कि, माता-पिता ने उन्हें पढ़ने के लिए भेजा है, शराब और सिगरेट पीने के लिए नहीं भेजा है। उन्होंने विश्ववविद्यालय के रमन बॉयज हॉस्टल की नाम लेकर कहा कि हॉस्टल के कूड़े में शराब की बोतलें और सिगरेट के पैकेट मिल रहे हैं। इसका मतलब यही हुआ कि अंदर शराब चल रही है। जबकि हमारे प्रधानमंत्री नशा मुक्ति अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि, कमियों को दूर करने के लिए छात्रों को शामिल करके एक निगरानी समिति बनाई जाए। उन्होंने इस समिति में एक-दो छात्र-छात्राओं को जोड़ने की हिदायत दी।
डिग्री हासिल करने के साथ चरित्र भी अच्छा बनाएं
राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विद्यार्थियों का उद्देश्य मात्र डिग्री प्राप्त करना ही नहीं बल्कि अच्छा चरित्र बनाना भी होना चाहिए। शिक्षा तभी सफल है, जब उसका उपयोग समाज और देश के हित के लिए किया जाए। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं, और खास तौर पर बेटियों की बड़ी भूमिका है। आनंदी बेन ने कहा कि जहां कई बेटियां शिक्षा हासिल करके देश का भविष्य बना रही हैं, तो दूसरी तरफ कुछ महिलाएं अपराध करने के कारण जेलों में हैं। इस विषय पर विश्वविद्यालयों में विचार होना चाहिए। युवाओं में नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना बढ़ाई जानी चाहिए।
राज्यपाल आनंदी बेन ने कहा कि प्राइमरी स्कूलों के बच्चों में बहुत प्रतिभा है। यदि उन्हें सही समय पर अवसर और मंच मिलते रहें तो ये बच्चे भविष्य में वैज्ञानिक, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों के सफल लीडर बन सकते हैं और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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